Farmers protest against Farmers bill passed in loksabha, agitaion in Amritsar and Rohtak – किसान बिल के खिलाफ अमृतसर,रोहतक में सड़कों पर उतरे किसान, हाथों में कृपाण; नारेबाजी कर किया सड़क जाम

किसान बिल के खिलाफ अमृतसर,रोहतक में सड़कों पर उतरे किसान, हाथों में कृपाण; नारेबाजी कर किया सड़क जाम

खास बातें

  • किसान बिल के खिलाफ किसानों का आंदोलन तेज
  • अमृतसर और रोहतक में सड़कों पर उतरे किसान, सड़क जाम
  • गुरुवार को लोकसभा ने किसानों से जुड़े दो बिल पारित कर दिए हैं

नई दिल्ली:

लोकसभा (Lok Sabha) से दो किसान बिल (Farmers Bills) पारित होने के बाद पंजाब-हरियाणा के किसान उग्र हो गए हैं. उनलोगों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है. पंजाब के अमृतसर में आज (शनिवार, 19 सितम्बर, 2020) किसान अपने-अपने हाथों में कृपाण लेकर सड़कों पर उतर आए और किसान बिल के विरोध में जमकर नारेबाजी की. किसानों ने सड़क जाम कर दिया और आने-जाने वाली गाड़ियों को रोक दिया.ये सभी लोग किसान विरोधी बिल को वापस लेने की मांग कर रहे हैं. राज्य में पिछले कई दिनों से किसान कृषि सुधार विधेयक का विरोध कर रहे हैं.

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हरियाणा में भी किसानों में ऐसा ही गुस्सा दिखा. रोहतक में भी किसानों ने शनिवार (19 सितम्बर) को सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और नए बिल को वापस लेने की मांग की. ये किसान बिल का विरोध कर रहे हैं. उन्हें डर है कि सरकार नए कानून के सहारे उन्हें मिलने वाली न्यूनतम समर्थन मूल्य छीनना चाहती है और प्राइवेट खिलाड़ियों के हाथ कृषि क्षेत्र को सौंपना चाहती है.

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रोहतक मंडी के अढातियों ने भी किसान बिल के खिलाफ आंदोलन तेज कर दिया है और हड़ताल पर चले गए हैं. इस वजह से किसान भी परेशान रहे. हड़ताल की वजह से बाजरा, कपास समेत दूसरी फसलों की खरीद नहीं हो सकी. इस बीच, किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि 20 सितंबर को पहले जिला स्तर पर उपायुक्त कार्यालय का घेराव करेंगे. उसके बाद दो अक्टूबर को गांधी जयंती के दिन दिल्ली कूच कर पूर्व पीएम लाल बहादुर शास्त्री के समाधि स्थल पर धरना देंगे.

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गुरुवार (17 सितम्बर) को लोकसभा ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कृषि विपणन में सुधार से संबंधित दो विधेयक पेश किए जिसे बहस के बाद सदन ने पारित कर दिया. बिल में कहा गया है कि नया कानून खेतीबारी में “लाइसेंस राज” को समाप्त कर देगा और किसान अपनी पसंद के अनुसार अपनी कृषि उपज बेचने के लिए स्वतंत्र होंगे.

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