Germany threatens to put Nord Stream 2 project on hold as Russia fails to cooperate in Navalny probe | एलेक्सी नवेलनी मामले में रूस पर बढ़ा दबाव, जर्मनी ने दी यह धमकी

मॉस्को: विपक्ष के नेता एलेक्सी नवेलनी (Alexei Navalny) को जहर देने के मामले में रूस घिरता जा रहा है. राजनीतिक स्तर पर तो उसकी आलोचना हो ही रही है अब मॉस्को को आर्थिक झटका भी लग सकता है. जर्मनी ने रूस को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने मामले की जांच में सहयोग नहीं किया, तो वह जर्मनी-रूस गैस पाइपलाइन परियोजना ‘नॉर्ड स्ट्रीम 2’ (Nord Stream 2) रोकने पर विवश हो जाएगा.

जर्मनी के विदेश मंत्री हीको मास (Heiko Mass) ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि रूस बाल्टिक सागर के अंदर बनाई जा रही नॉर्ड स्ट्रीम 2 पाइपलाइन के संबंध में रुख बदलने के लिए हमें बाध्य नहीं करेगा. जर्मन चांसलर एंजेला मर्केल (Angela Merkel) ने भी विदेश मंत्री के बयान का समर्थन किया है. मर्केल पर इस मामले में कड़े कदम उठाने का दबाव है. वरिष्ठ नेता चाहते हैं कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) को उसी भाषा में जवाब दिया जाए, जो उन्हें समझ आती है.

2,460 किमी लंबी है पाइपलाइन
एलेक्सी नवेलनी भले ही कोमा से बाहर आ गए हैं, लेकिन 9.5 बिलियन यूरो वाली नॉर्ड स्ट्रीम 2 परियोजना ‘कोमा’ में जाती दिखाई दे रही है. यह ट्विन पाइपलाइन परियोजना 2,460 किमी लंबी और 2,300 किमी पहले ही पूरी हो चुकी है. पाइपलाइन बाल्टिक सागर के नीचे जाती है और इसे रूसी गैस को जर्मनी और शेष यूरोप में भेजने के लिए डिज़ाइन किया गया है. मास्को सालाना 110 बिलियन क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस भेजने पर विचार कर रहा है.  

अगले साल शुरू होने की उम्मीद
इस परियोजना का नेतृत्व रूसी कंपनी गाजप्रॉम (Gazprom) कर रही है और इसके 2021 की शुरुआत में चालू होने की उम्मीद है. पाइपलाइन को रोकने के लिए पहले भी कई कोशिशें हुई हैं. अमेरिका ने 2019 में इस परियोजना को बड़ा खतरा मानते हुए प्रतिबंध लगाया दिया था. यूरोपीय संघ खुद भी नॉर्ड स्ट्रीम 2 को लेकर बंटा हुआ है. पोलैंड, यूक्रेन और बाल्टिक राज्यों का मानना है कि यह रूस पर निर्भरता को बढ़ाएगा. हालांकि, यदि यह परियोजना पर रोक लगती है, तो जर्मन और यूरोपीय कंपनियों को भी नुकसान होगा.

गौरतलब है कि रूसी राष्ट्रपति के आलोचक नवेलनी पिछले महीने मॉस्को जा रही एक फ्लाइट में बीमार पड़ गए थे और उन्हें साइबेरिया के शहर ओम्स्क में एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था. जहां से 22 अगस्त को उन्हें उपचार के लिए जर्मनी भेजा गया. 

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