बालाघाट, मध्य प्रदेश – मध्य प्रदेश के राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने बालाघाट जिले के बैहर क्षेत्र में सिकलसेल बीमारी के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक दिवसीय दौरा किया। इस दौरान, वे प्रधानमंत्री आवास योजना की लाभार्थी इमला बाई मरकाम के घर पहुँचे और उनके परिवार के साथ दोपहर का भोजन किया, जो उनके लिए एक सपने के सच होने जैसा था।इमला बाई, जो अपने पति के निधन के बाद अपनी दो बेटियों और एक बेटे के साथ पीएम आवास में रहती हैं, ने राज्यपाल और उनके साथ आए मेहमानों को पारंपरिक आदिवासी व्यंजन परोसे।
इन व्यंजनों में कोदो का भात, कुटकी की खीर, चैच भाजी, चिरोटा भाजी, करील की सब्जी और भोंडों पिहरी की सब्जी शामिल थी। राज्यपाल ने इमला बाई से उनके परिवार और आवास योजना से जुड़ी जानकारी ली। इमला बाई ने बताया कि उन्हें 2021 में यह आवास स्वीकृत हुआ था और अब वह पूरी तरह से बनकर तैयार है।इस दौरान, राज्यपाल ने इमला बाई के बच्चों को उनकी पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया। इमला बाई और उनका परिवार महामहिम राज्यपाल को अपने घर भोजन कराकर बेहद खुश था।
सिकलसेल बीमारी के प्रति जागरूकता
अपने दौरे के दौरान, राज्यपाल ने बैहर के एकलव्य विद्यालय में एक स्वास्थ्य शिविर का भी उद्घाटन किया और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को लाभ वितरित किए। उन्होंने जनजातीय समुदाय में फैली सिकलसेल बीमारी पर विशेष जोर दिया। राज्यपाल ने कहा कि जिस तरह विवाह से पहले कुंडली मिलाई जाती है, उसी तरह बच्चों के सिकलसेल कार्ड का मिलान भी किया जाना चाहिए। उन्होंने सलाह दी कि यदि लड़का और लड़की दोनों इस बीमारी के वाहक हैं, तो उनका विवाह नहीं करना चाहिए।
इस मौके पर जनजातीय कार्य विभाग मंत्री डॉ. कुंवर विजय शाह, सांसद श्रीमती भारती पारधी, विधायक गौरव पारधी, राजकुमार कर्राहे और अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। राज्यपाल का यह दौरा न केवल सिकलसेल जैसी गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण था, बल्कि इससे यह भी संदेश मिला कि समाज के उच्च पदों पर बैठे लोग भी आम नागरिकों के जीवन और समस्याओं को समझने के लिए उनके करीब आ रहे हैं।