म्यांमार के पश्चिमी सीमांत प्रांत रखाइन में विद्रोही गुट अराकान आर्मी (AA) का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। यह समूह अब इस रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र पर पूरी तरह से कब्जा करने की तैयारी में है। अगर अराकान आर्मी ऐसा करने में सफल होती है, तो यह न केवल म्यांमार की आंतरिक स्थिति, बल्कि पूरे क्षेत्रीय भू-राजनीति को भी बदल देगा।यह स्थिति भारत और चीन दोनों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
इसका मुख्य कारण यह है कि अराकान आर्मी की नजर अब रखाइन में स्थित कई अहम परियोजनाओं पर है। इनमें भारत का बंदरगाह प्रोजेक्ट और चीन की बेल्ट एंड रोड पहल (BRI) से जुड़ा डीप-सी पोर्ट भी शामिल हैं।अराकान आर्मी का रखाइन पर नियंत्रण होने से इन दोनों देशों के लिए अपनी-अपनी परियोजनाओं की सुरक्षा और भविष्य पर सवाल खड़ा हो जाएगा, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ने की आशंका है।