शिवराज की शराब नीति का घर में विरोध; कोरोना के चलते बीजेपी नेता ने की मध्यप्रदेश में पूर्ण शराबबंदी की मांग

पूर्व विधायक जीतू जिराती बोले- शराब बेचना जरुरी हो तो लगाएं 75% टैक्स

दिल्ली के बाद आंध्र प्रदेश लगा चुका है 75% वैट, भीड़ रोकने छत्तीसगढ़ में होम डिलीवरी

भोपाल। कांग्रेस और सामाजिक संगठनों के साथ शराब ठेकेदारों द्वारा मध्यप्रदेश की शिवराज सिंह चौहान सरकार की लॉकडाउन के बीच शराब दुकान खुलवाने की नीति के विरोध को अब घर से समर्थन मिला है। बीजेपी के पूर्व विधायक और युवा मोर्चा नेता जीतू जिराती ने पूर्ण शराबबंदी की मांग की है।
मध्यप्रदेश बीजेपी के उपाध्यक्ष और पूर्व विधायक जीतू जिराती ने ट्वीट कर कहा है कि म.प्र. में शराब पूर्णत: प्रतिबंधित होना चाहिए। इसकी बिक्री बहुत ही जरूरी है तो इस पर 75 % अधिक सेस लगना चाहिए। जिराती के ट्विटर पर आए इस बयान को कई लोगों का समर्थन मिल रहा है।

उनसे पहले जीतू जिराती के बाल सखा और उन्हें चुनाव हराने वाले पूर्व मंत्री और कांग्रेस के मीडिया विभाग के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी शराब दुकान खोलने का विरोध किया है। पटवारी ने कहा है कि लॉकडाउन के दौरान पूरे देश में शराब ठेके खुलने के बाद जो कोरोना के मरीज बढ़ेंगे उसकी जिम्मेदारी क्या राज्य सरकार लेगी या फिर केंद्र सरकार?

दिल्ली और आंध्र में लगाया वैट सेस

शराब दुकानों पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए दिल्ली की आम आदमी पार्टी सरकार ने इस पर 70 फीसदी वैट बढ़ा दिया। आंध्रप्रदेश सरकार ने भी शराब पर 75 प्रतिशत टैक्स बढ़ा दिया है। उधर छत्तीसगढ़ सरकार ने दुकानों पर भीड़ रोकने होम डिलीवरी शुरु कराई है।

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