मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में ब्लैकमेलिंग और अवैध वसूली का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ कोतवाली थाना क्षेत्र के एक बुजुर्ग को ‘हनीट्रैप’ के जाल में फंसाकर उनसे अब तक 33 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर एक ही परिवार के चार सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया है। फरियादी रमेशचंद्र ने पुलिस को अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि यह पूरा घटनाक्रम साल 2023 में शुरू हुआ था। उनकी मुलाकात शिव मंदिर भरड़ में पार्वती बैरागी नाम की महिला से हुई थी।
पार्वती ने उनसे जान-पहचान बढ़ाई और धीरे-धीरे मोबाइल पर बातचीत शुरू कर दी। इसी दौरान आरोपी महिला ने बुजुर्ग को व्हाट्सएप वीडियो कॉल किया और उसकी रिकॉर्डिंग कर ली।वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेलिंग का खेल रिकॉर्ड किए गए वीडियो को हथियार बनाकर पार्वती और उसके साथियों—राजेंद्र बैरागी, शरद बैरागी और संजना बैरागी ने बुजुर्ग को डराना शुरू किया। उन्होंने धमकी दी कि यदि पैसे नहीं दिए तो वे वीडियो वायरल कर देंगे और उन्हें बलात्कार के झूठे मामले में फंसा देंगे।बदनामी और जेल जाने के डर से रमेशचंद्र ने शुरुआत में 5 हजार रुपये दिए।
लेकिन आरोपियों का लालच बढ़ता गया और उन्होंने किस्तों में (5 लाख, 7 लाख आदि) कुल 33 लाख रुपये की वसूली कर ली। इतना ही नहीं, आरोपियों ने बुजुर्ग से कई शपथ पत्रों पर भी जबरन हस्ताक्षर करवा लिए।हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी रकम वसूलने के बाद भी आरोपियों ने दबाव कम नहीं किया। वे अब रमेशचंद्र से 12 अप्रैल 2026 तक 20 लाख रुपये की और मांग कर रहे थे। पैसे न देने पर उन्हें जान से मारने और समाज में जलील करने की धमकी दी जा रही थी। आखिरकार परेशान होकर पीड़ित ने कोतवाली थाने में न्याय की गुहार लगाई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी संतोष बघेल ने तत्काल एफआईआर दर्ज की और पुलिस टीम भेजकर मुख्य आरोपी महिला को हिरासत में ले लिया। थाना प्रभारी संतोष वाघेला ने बताया कि चार नामजद आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। महिला आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और जल्द ही उन्हें न्यायालय में पेश किया जाएगा। हम यह भी जांच कर रहे हैं कि क्या इस गिरोह ने अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है।”


