how to increase gut bacteria: Gut Bacteria: मूली देखकर खुश हो जाते हैं आंतों के गुड बैक्टीरिया, जानें क्या होता है मूली खाने का सही समय – radish is the favorite food of gut bacteria health benefits of muli

मूली सर्दियों में की सबसे लोकप्रिय सब्जियों में से एक है। क्योंकि इस सब्जी को सलाद के रूप में भी खाया जाता है, पूड़ी-पराठे में फिलर के रूप में उपयोग किया जाता है और इसकी सब्जी भी उतने ही चाव से खाई जाती है। आपको बता दें कि आप मूली किसी भी रूप में खाइए, इसे खाने के बाद आपको जितनी खुशी मिलती है, उससे कहीं ज्यादा खुशी मिलती है, आपकी आंतों में रहनेवाले गुड बैक्टीरिया को! जानिए क्यों है ऐसा…

कचरे की सफाई करे
-भोजन खाने और पाचन क्रिया के दौरान हमारे शरीर में की तरह के टॉक्सिक एसिड यानी विषैले तत्व जमा हो जाते हैं। इनमें कुछ तत्व वे होते हैं, जो हमारे द्वारा खाए गए भोजन के जरिए हमारे शरीर में जाते हैं, जैसे प्रिजर्वेटिव्स, पाउडर से पकाए गए फलों के छिलके और रेशे या खाने में उपयोग होनेवाले कैमिकल युक्त रंग इत्यादि।

-जबकि कुछ विषैले पदार्थ भोजन को पचाने की प्रक्रिया के दौरान हमारे शरीर के अंदर उत्पन्न होते हैं। हालांकि गैस, डकार, मल और मूत्र के माध्यम से इनमें से ज्यादातर टॉक्सिक एसिड्स बाहर निकल जाते हैं। लेकिन कुछ आंतों और लिवर में रह जाते हैं। मूली इन सभी विषैले तत्वों का सफाया करती है।

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मूली खाने के फायदे

-जब शरीर में जमा ये टॉक्सिक एसिड खत्म होते हैं तो आंतों में रहनेवाले गुड बैक्टीरिया को अपनी वृद्धि करने के लिए पर्याप्त अवसर मिलता है। इससे आपके शरी के गुड बैक्टीरिया खुश रहते हैं और भोजन को तेजी से और सही तरीके से पचाने का कार्य कर पाते हैं। परिणामस्वरूप आपकी सेहत अच्छी रहती है।

कब्ज की समस्या को दूर करे
-अपने डिटॉक्सिफिकेशन के गुणों के कारण मूली शरीर के अपशिष्ट पदार्थों को बाहर निकालने का कार्य करती है। इसलिए जिन लोगों को कब्ज की शिकायत रहती है, उन्हें मूली का अलग-अलग रूपों में और अधिक उपयोग करना चाहिए।

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इन स्थितियों में ना खाएं मूली
-हालांकि मूली सर्दियों की सब्जी है और रेचक गुणों से युक्त है। लेकिन यदि कोई व्यक्ति सर्दी-जुकाम की स्थिति में मूली खा ले तो यह उसकी समस्या को कई गुना बढ़ा सकती है।

-जबकि अगर स्वस्थ होने की स्थिति में आप मूली का सेवन करेंगे तो यह आपको सर्दी-जुकाम से बचाने का काम करती है। इसलिए सिर दर्द, सर्दी-जुकाम, खांसी, सीने में भारीपन, छाती में कफ जमा होना और बुखार की स्थिति में कच्ची मूली का सेवन नहीं करना चाहिए।

-हालांकि इन स्थितियों में मूली की सब्जी और मूली के पत्तों की भाजी का सेवन आप निश्चिंत होकर कर सकते हैं। बस सलाद के रूप में मूली नहीं खानी है।

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मूली खाने का सही समय और तरीका

ऐसे खाया तो दर्द बढ़ा सकती है मूली
-मूली शरीर के लिए कई तरह के दर्द दूर करने का कार्य करती है। लेकिन यदि आप रात के समय या सुबह खाली पेट कच्ची मूली खाते हैं तो आपको पेट दर्द या शरीर के अन्य हिस्सों में दर्द का सामना करना पड़ सकता है।

-दरअसल, मूली फाइबर युक्त होते हुए भी पाचन में भारी होती है। इसलिए इसे पचाने के दौरान शरीर में अधिक मात्रा में वायु की वृद्धि होती है। यदि आप रात में मूली खाकर सोएंगे तो किसी भी समय तेज पेट दर्द, सिरदर्द इत्यादि के कारण आपकी नींद टूट सकती है।

-जिन लोगों को पहले से ही दर्द की समस्या रहती है, उन्हें रात के समय भूल से भी कच्ची मूली का सेवन नहीं करना चाहिए। बेहतर होगा कि मूली के पत्तों की भुज्जी के अतिरिक्त मूली की सब्जी या पराठे का उपयोग भी रात के समय यानी डिनर में ना करें। आयुर्वेद के अनुसार, दिन में इस समय मूली खाने पर मिलता है अधिक लाभ


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