India-China Standoff: Dragon now reduces military patrolling in Nakula area| Border Dispute: तनातनी करने वाले China की निकली हेकड़ी, पैंगोग के बाद अब Nakula में भी घटाई पेट्रोलिंग

बीजिंग: सीमा विवाद (Border Dispute) पर तनातनी करने वाले चीन (China) के तेवर अब नरम पड़ते नजर आ रहे हैं. पैंगोंग त्सो (Pangong Tso) के बाद नाकुला (Nakula) में भी चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) ने पेट्रोलिंग कम कर दी है. यहां मई 2020 के बाद से तनाव की स्थिति बनी हुई थी. नाकुला उत्तर सिक्किम में 14,000 फुट से अधिक ऊंचे दर्रे पर कंचनजंगा चोटी के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है. यहां दोनों देशों की सेनाओं के बीच कई बार तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो चुकी है, जिसमें दोनों पक्षों के सैनिकों को चोटें आई थीं. 

Tension कम करने की कोशिश 

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, पूर्वी लद्दाख (Eastern Ladakh) में पैंगोग त्सो (Pangong Tso) इलाके को लेकर भारत-चीन (India and China) के बीच हुए समझौते के बाद दोनों देशों के बीच स्थिति धीरे-धीरे ठीक होती हुई नजर आ रही है. इस समझौते का असर नाकुला पर भी पड़ा है, जहां पिछले कुछ समय से भारत-चीन के बीच तनाव जारी था. रिपोर्ट में कहा गया है कि पैंगोंग की तरह नाकुला (Nakula) पर भी तनाव कम करने के लिए बड़े स्तर पर कोशिश की जा रही है. 

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ऊपर से आए Order

चीन की सेना ने नाकुला में पेट्रोलिंग कम कर दी गई है. कहा जा रहा है कि जिस तेजी के साथ PLA ने फिंगर 8 से अपने सैनिकों को हटाया है, उससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि ये निर्देश उच्च स्तर से आए हैं. वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों के अनुसार, भारतीय सेना के कमांडरों ने नाकुला में जारी घर्षण का हवाला देते हुए अपने PLA समकक्षों के साथ गंभीर अविश्वास का मुद्दा उठाया था. इसके बाद 10 फरवरी को पैंगोंग त्सो डिसइंगेजमेंट का समझौता हुआ और अब नाकुला में PLA ने पेट्रोलिंग कम कर दी है.

हर पल मुस्तैद Army

पिछले छह वर्षों में, PLA के गश्ती दल ने नाकुला क्षेत्र में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) की भारतीय धारणा के विपरीत रिज के नीचे आने का प्रयास किया है, जिसके परिणामस्वरूप दोनों देश की सेनाएं आमने-सामने आ चुकी हैं. हालांकि चीनी बेस रिज लाइन से काफी पीछे है, लेकिन अतीत में PLA ने नाकुला को पार करने और स्थानीय भारतीय चरवाहों द्वारा निर्मित दीवार तक पहुंचने का प्रयास किया था. इसके मद्देनजर भारतीय सेना हर पल मुस्तैद रहती है.

अब ठिकाने आई अक्ल

सूत्रों का कहना है कि पैंगोंग त्सो के दक्षिण तट पर टकराव के बिंदु से युद्धक टैंक और बख्तरबंद वाहनों को हटाया जा रहा है और उत्तरी तट के क्षेत्रों से जवानों को वापस बुलाया जा रहा है. बता दें कि सीमा पर बने तनाव को कम करन के लिए दोनों देशों के बीच सैन्य स्तर पर कई दौर की बातचीत हो चुकी है. शुरुआत में चीन के अड़ियल रुख के चलते तनाव कम नहीं हो रहा था, लेकिन अब उसे समझ आ गया है कि भारत से लंबे समय तक बैर उसके लिए ही नुकसानदायक है.

 




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