india may develop covid 19 prevention medicine: Coronavirus Treatment In India: भारत में कोरोना पर खुशी और गम एक साथ – india may develop covid 19 prevention medicine in coming three months know about hydroxychloroquine

Edited By Garima Singh | नवभारतटाइम्स.कॉम | Updated:

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सिर्फ कोरोना के संक्रमण के मामले में नहीं बल्कि भारत इस बीमारी का इलाज खोजने में जुटे देशों में भी अपनी बढ़त बनाए हुए है। यानी हमारे देश में इस समय खुशी और गम की स्थिति एक साथ बनी हुई है। गम इस बात का कोरोना का संक्रमण अपनी फुल स्पीड पकड़ते हुए बढ़ने लगा है और खुशी इस बात की कि अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS)के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने अपने हालिया इंटरव्यू में कहा है कि हमारा देश अगले 3 महीने में कोरोना की दवाई विकसित कर लेगा इसकी पूरी संभावना है।

आपको याद दिला दें कि

-हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन (Hydroxychloroquine) दवाई का उपयोग मलेरिया के इलाज में किया जाता है। यह वही दवाई है, जो सबसे पहले कोरोना के इलाज में लाभकारी सिद्ध हुई तो भारतीय सरकार को अपने लोगों की सुरक्षा के लिए इस दवा के निर्यातत पर रोक लगानी पड़ी।

-फिर जब अमेरिका ने भारत से इस दवाई के निर्यात के लिए आग्रह किया तो भारत ने पहले अपने लोगों के लिए जरूरी स्टॉक तैयार किया और उसके बाद इस दवाई के निर्यात से प्रतिबंध हटाकर, इसे अमेरिका को सप्लाई किया।

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कई संस्थाओं ने नकार दिया

-एक तरफ जहां भारत के हेल्थ सायंटिस्ट हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन दवा को कोविड-19 के इलाज में कारगर बताते रहे हैं, वहीं डब्लूएचओ सहित कई हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन्स ने इसके प्रभाव पर संदेह जताया। कई विदेशी संस्थाओं ने तो यहां तक कहा कि इस दवाई के उपयोग से मरीजों की हालत और अधिक गंभीर हो गई है।

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कोरोना की दवाई बनाने के निकट भारत

-लेकिन भारतीय चिकित्सक अपनी पूरी लगन के साथ इस दवाई को कोरोना पर प्रभाव और उससे जुड़े दूसरे फैक्टर्स को विकसित करने में लगे रहे। इसी लगन और आत्मविश्वास का परिणाम है कि खुद एम्स के डायरेक्टर इस बात की उम्मीद जता रहे हैं कि अगले तीन महीने में भारत ऐसी दवाई जरूर विकसित कर लेगा, जो कोरोना के संक्रमण से बचाव कर सके।

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वैक्सीन की संभावना

-जैसा कि हम कह चुके हैं कि दुनिया के कई देश एक साथ इस प्रयास में लगे हुए हैं कि जितना जल्दी हो सके कोरोना वायरस की वैक्सीन तैयार कर मार्केट में लाई जाए। सभी लोग अलग-अलग दावे कर रहे हैं। किसी का कहना है कि अगले एक साल में वैक्सीन आ पाएगी तो किसी का कहना है कि इस साल के अंत तक कोरोना वैक्सीन आ जाएगी।

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कोरोना की दवाई बनाने की दिशा में भारत

-लेकिन हम सभी को एक बात समझ लेनी चाहिए कि वैक्सीन आते ही सभी लोगों को लग तो नहीं पाएगी! वैक्सिनेशन करने में भी समय लगेगा। साथ ही जब तक एक भी कोरोना संक्रमत पेशंट रहेगा, स्वस्थ लोगों में इसके फैलने की आशंका बनी रहेगी…इसलिए हमें मास्क, समर कैप और गॉगल को अपनी डेली ड्रेसिंग का हिस्सा बना लेना चाहिए।

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-साथ ही अपने देश के मेडिकल सायंटिस्ट्स और हेल्थ एक्सपर्ट्स के लिए प्रार्थना करनी चाहिए कि ईश्वर उनके प्रयासों को सफल करें। ताकि भारत देश इस महामारी से बचने में दुनिया की सहायता कर सके।


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