insulin injections uses: Blood Sugar Test: डायबिटीज रोगी जानें Insulin Injection लेने का सही तरीका, दर्द भी होगा कम – 6 things you need to know if you take insulin injections

बदलती जीवनशैली के कारण डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। डायबिटीज होने का मतलब है खून में शुगर का बढ़ जाना। बता दें कि शुगर हमारे शरीर में ऊर्जा देती है। हम जो कुछ भी खाते हैं, वह शरीर में जाकर ग्लूकोज में परिवर्तित हो जाता है। अगर शुगर लेवल बढ़ने लगे, तो समझ लीजिए कि डायबिटीज की शुरुआत हो चुकी है। ब्लड शुगर लेवल यदि जरूरत से ज्यादा बढ़ जाए, तो इसे कंट्रोल में रखने के लिए इंसुलिन के इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है।

डायबिटीज से ग्रसित कई लोगों के लिए इंसुलिन का इंजेक्शन उनके जीवन का जरूरी हिस्सा बन गया है। यह इंजेक्शन मरीजों को दिन में दो से तीन बार लेना पड़ता है। ऐसे में बेवजह की तकलीफ से बचने के लिए इंजेक्शन इंजेक्ट करने के दौरान कुछ बुनियादी बातों पर गौर करना चाहिए। अगर आप इंजेक्शन लेने के लिए नए हैं, तो हमारा ये आर्टिकल जरूर पढ़ें। इसमें बताया गया है कि इंसुलिन का इंजेक्शन लेते समय किन जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए।

पता हो, इंजेक्शन कहां लगाना हैं

अगर आपकी डायबिटीज बढ़ गई है और इंजेक्शन जरूरी है, तो इसे लगाने की सही जगह जरूर जान लें। इंजेक्शन ऐसी जगह पर लगाएं, जहां ज्यादा चर्बी मौजूद हो। इंसुलिन का इंजेक्शन खासतौर पर चमड़ी के नीचे फैट लेयर पर दिया जाता है। यदि यह इंजेक्शन गलती से भी मांसपेशियों में दे दिया, तो ये जरूरत से ज्यादा जल्दी अवशोषित हो जाएगा। जिससे ब्लड में ग्लूकोज का स्तर कम हो जाता है।

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यदि आप पहली बार इंसुलिन इंजेक्शन ले रहे हैं, तो जाहिर है आपको शरीर पर एक ही जगह इंजेक्शन लगाना बेहतर लगेगा। जबकि, इंजेक्शन देने की जगह हर समय बदलते रहना चाहिए। एक ही स्पॉट पर इंजेक्शन इंजेक्ट करने से सूजन, स्कार टिशू, गांठ या चमड़ी मोटी होने का खतरा बना रहता है। उदाहरण के तौर पर जैसे सुबह पेट के बाईं ओर इंजेक्शन इंजेक्ट करें, तो दोपहर में इसे दाईं ओर लगाएं। रात के खाने में दाईं जांघ पर तो रात में सोते समय बाईं ओर इंजेक्शन लगाने की कोशिश करें। जब भी अगला इंजेक्शन लगाएं, कोशिश करें कि यह अंतिम क्षेत्र से कम से कम डेढ़ इंच दूरी पर लगे।

सुई होल्ड करने की टाइमिंग

डायबिटीज के मरीज को इंजेक्शन लगाने के दौरान इसे होल्ड करने की टाइमिंग पता होनी चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, कम से कम पांच से सात सेकंड तक सुई को त्वचा में दबाए रखना जरूरी होता है। ये इस बात का प्रमाण है कि इंसुलिन पूरी तरह से आपके शरीर में पहुंच चुका है।

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समय का ध्यान रखें

इंजेक्शन लेने के लिए सबसे ज्यादा आपको समय का ध्यान रखना होता है। मतलब ये कि इंजेक्शन लेने का सही समय कौन सा है। इंजेक्शन तब काम करता है, जब आपके मील और स्नैक्स से ग्लूकोज आपके ब्लडस्ट्रीम यानी रक्त प्रवाह में पहुंचने लगता है। इसलिए इंसुलिन की सुई भोजन करने से 10 – 15 मिनट पहले लेनी चाहिए। ध्यान रखें, अगर आपने इंजेक्शन ले लिया है, तो आपका कुछ खाना बेहद जरूरी है, वरना शुगर कम हो सकती है।

जानें दर्द कम करने का तरीका

अगर आप इंजेक्शन लगाने की सही टेक्नीक जान लें, तो यह कम दर्दनाक होगा। आपको जिस जगह इंसुलिन देना है, उस जगह को अल्कोहल में भिगोई हुई कॉटन से साफ करें और उसे सूखने दें। त्वचा में जल्दी से इंजेक्शन लगाएं और सुई को कम से कम 10 सेकंड तक उसी स्थान पर रहने दें। सुई निकालने के बाद उस जगह को थोड़ा दबाकर रखें।

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ग्लूकोज की निगरानी करें

डायबिटीज होने की शुरुआत में इंजेक्शन लेने से पहले डॉक्टर अपने ग्लूकोज लेवल को बार- बार चेक करने की सलाह देते हैं। यह जानना जरूरी है कि व्यायाम और भोजन आपके ग्लूकोज लेवल को कैसे प्रभावित करते हैं। ब्लड शुगर की जांच करने से आपको यह जानने में मदद मिलेगी कि आपको वाकई में कितने इंसुलिन की जरूरत है। इसके लिए कई अलग-अलग ब्लड ग्लूकोज मीटर उपलब्ध हैं। आपके लिए कौन सा बेस्ट है, इस संबंध में अपने डॉक्टर से सलाह लें।

डायबिटीज के गंभीर मरीजों को डॉक्टर इंसुलिन इंजेक्शन लगाने की सलाह देते हैं। इंसुलिन ब्लड शुगर लेवल को नियंत्रित रखने में मदद करता है। इसके लिए बेहतर है कि आप अपने डॉक्टर से इंसुलिन इंजेक्शन लगाने से जुड़ी बातें जानें, ताकि आप भविष्य में होने वाले किसी भी जोखिम से बचे रहें।


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