पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में हुए भीषण आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन ISIS ने ले ली है। यह हमला शुक्रवार को उस समय हुआ, जब एक शिया मस्जिद में बड़ी संख्या में नमाजी जुमे की नमाज अदा कर रहे थे। धमाका इतना जोरदार था कि मस्जिद के अंदर और आसपास भारी तबाही मच गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस हमले में अब तक 33 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 169 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षाबलों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।
आतंकी संगठन ISIS ने SITE इंटेलिजेंस ग्रुप के माध्यम से हमले की जिम्मेदारी स्वीकार की है। रिपोर्ट के मुताबिक, हमलावर ने नमाज के दौरान भीड़ के बीच खुद को विस्फोट से उड़ा लिया। आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटक जैकेट का इस्तेमाल किया, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हुआ।
पाकिस्तानी अधिकारियों के अनुसार, यह हमला साल 2008 में हुए मैरियट होटल बम विस्फोट के बाद इस्लामाबाद में सबसे घातक आतंकी हमला माना जा रहा है। हमले के बाद राजधानी में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।
पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा एजेंसियों ने इस आतंकी हमले की कड़ी निंदा की है। जांच एजेंसियों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने शुरू कर दिए हैं और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि हमलावर किस नेटवर्क से जुड़ा था और उसे स्थानीय स्तर पर किस तरह की मदद मिली।इस हमले ने एक बार फिर पाकिस्तान में सुरक्षा व्यवस्था और आतंकी खतरे को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस घटना की निंदा हो रही है और आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।


