प्रदेश में 19 मार्च से शुरू होने वाले जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर आज विभिन्न विभागों के अधिकारियों और जिला कलेक्टरों के साथ बैठक कर अभियान की कार्ययोजना तय की गई। बैठक में निर्देश दिए गए कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी जनभागीदारी के साथ अभियान को और प्रभावी तथा परिणाममूलक बनाया जाए।
अधिकारियों को जलग्रहण क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने, नदियों के उद्गम स्थलों के विकास और सघन पौधरोपण पर विशेष जोर देने के निर्देश दिए गए। साथ ही क्षिप्रा, बेतवा और गंभीर नदियों के पुनर्जीवन के लिए योजना बनाने को कहा गया है।
इसके अलावा जल संरचनाओं के संरक्षण, रेनवॉटर हार्वेस्टिंग के विस्तार, नगरीय निकायों में जल संग्रहण संरचनाओं और हरित क्षेत्रों के विकास, नालों के शोधन तथा पौधरोपण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। अभियान में युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से जल संरक्षण को जन आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।


