टोक्यो: चीन (China) की बढ़ती विस्तारवादी आदतों से परेशान जापान (Japan) उससे मुकाबले के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है. जापान दियाओयू द्वीप समूह (Diaoyu Islands) में अपने सशस्त्र बलों को भेजने की तैयारी कर रहा है. इस क्षेत्र में पिछले कुछ समय से चीनी गतिविधियों में तेजी आई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, चीनी तटरक्षक बल ने इस द्वीप समूह के पास अपनी मौजूदगी बढ़ा दी है, जिसे देखते हुए जापान जल्द ही अपने सैनिकों की एक टुकड़ी वहां भेज सकता है.
China ने बनाया नया कानून
दरअसल, चीन ने हाल ही में एक कानून (Law) बनाया है, जो सुरक्षा बलों को किसी भी विदेशी जहाज के उसकी जल सीमा के उल्लंघन पर हमले की इजाजत देता है. इस कानून के अमल में आने के बाद से दियाओयू द्वीप के आसपास चीनी तटरक्षक बल की सक्रियता काफी बढ़ गई है. इसी के मद्देनजर जापान अपने सैनिकों को भेजने की तैयारी कर रहा है.
Chinese Activity में इजाफा
हमारी सहयोगी वेबसाइट WION की खबर के अनुसार, जापान के कोस्ट गार्ड का कहना है कि चीनी तटरक्षक जहाजों की आवाजाही पिछले साल के मुकाबले बढ़ गई है. एक अधिकारी ने कहा कि टोक्यो चीनी गतिविधियों से चिंतित है और उसकी प्रतिक्रिया पर विचार कर रहा था. संभव है कि जल्द ही कुछ सैनिकों को चीन से मुकाबले के लिए डियाओयू द्वीप भेजा जाए.
Japan ने दी चेतावनी
एक जापानी अधिकारी ने कहा कि यदि चीन हमारी जल सीमा में प्रवेश करता है, तो हमारी सेल्फ डिफेंस फोर्सेस गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ हथियारों का इस्तेमाल सकती हैं. हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जापान किसी भी संघर्ष को बढ़ावा देने के पक्ष में नहीं है. टोक्यो राजनयिक मोर्चे पर चीन पर दबाव बढ़ाने की कोशिश करेगा. गौरतलब है कि अमेरिका चीन को पहले ही चेतावनी दे चुका है कि वो विवादित जल क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में तेजी से लाने से बाज आए.
Biden ने दिया मदद का भरोसा
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने हाल ही में जापानी प्रधानमंत्री से कहा था कि वह सेनकाकू द्वीप सहित सभी मामलों में जापान के साथ खड़े हैं. बता दें कि सेनकाकू द्वीप (Senkaku Islands) को जापान में दियाओयू द्वीप कहा जाता है, ये द्वीप जापान और चीन के बीच विवाद की वजह है. चीन इस पर अपना अधिकार जताता है और, जापान अपना. पिछले महीने, दो चीनी जहाजों ने विवादित द्वीप के पास जापानी तटीय पानी में घुसपैठ की थी, जिसका जापान ने कड़ा विरोध किया था.

