वॉशिंगटन: जलवायु परिवर्तन (Global Warming) के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के नेतृत्व में भारत द्वारा किए जा रहे कार्यों की अमेरिका (America) ने तारीफ की है. जलवायु परिवर्तन से जुड़े मामलों पर अमेरिकी राष्ट्रपति (US President) के विशेष दूत जॉन केरी (John Kerry) ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण पैदा हो रही चुनौतियों से निपटने में भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रतिबद्धता दर्शाई है. उनके नेतृत्व में भारत ने स्वच्छ ऊर्जा तकनीक का इस्तेमाल करना आरंभ किया है, जो वास्तव में निवेश के बड़े अवसर पैदा करती है.
Kerry ने जताई यह उम्मीद
जॉन केरी (John Kerry) ने कहा कि वह PM मोदी और विदेश मंत्री एस. जयशंकर सहित भारतीय नेतृत्व के साथ मिलकर काम करना चाहते हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘हमारा मानना है कि भारत इस पूरी कोशिश में स्वच्छ ऊर्जा को अपना रहे सबसे अहम देशों में शामिल है. मुझे भरोसा है कि जिस तरह हमने पिछले कुछ साल में कई मामलों पर निकटता से काम किया है, उसी तरह दोनों देश जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर भी काम करेंगे’.
ये भी पढ़ें -Farmers Protest में ISI की साजिश का बड़ा खुलासा, कई भारतीय पत्रकार भी शामिल
जल्द India आने की इच्छा
विश्व सतत विकास शिखर सम्मेलन 2021 (World Sustainable Development Summit 2021) में बोलते हुए केरी ने कहा कि भारत ने स्वच्छ ऊर्जा (Clean Energy) का इस्तेमाल शुरू कर दिया है, जो वास्तव में वहां निवेश के बड़े अवसर पैदा हो रहे हैं. जल्द भारत जाने की इच्छा जताते हुए अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि भारत जलवायु परिवर्तन की चुनौती से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और वह कई वर्षों से प्रतिबद्ध रहा है. उन्होंने भारत की सराहना करते हुए कहा कि आप अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के इस्तेमाल और अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (International Solar Alliance) में अपने नेतृत्व के कारण निर्विवाद रूप से वर्ल्ड लीडर हैं. जैसा कि मंत्री विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा कि यह गठबंधन केवल भारत ही नहीं, बल्कि विश्वभर की उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए अहम है.
यह है 2030 का लक्ष्य
जॉन केरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2030 तक 450 गीगावाट की अक्षय ऊर्जा के जिस लक्ष्य की घोषणा की है, वह इस बात का शानदार उदाहरण है कि स्वच्छ ऊर्जा के साथ एक विकासशील अर्थव्यवस्था को कैसे मजबूत किया जा सकता है. उन्होंने आगे कहा कि यह सबसे महत्वपूर्ण योगदान में से एक होगा, क्योंकि अमेरिका और चीन के बाद भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा उत्सर्जक है.
भारत बनेगा Global Leader
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency) की ताजा रिपोर्ट का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा तकनीक अपनाने के लिए भारत का अग्रिम भुगतान उसे 2040 तक सौर और भंडारण के मामले में ग्लोबल मार्केट लीडर बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ाता है. केरी ने कहा कि तेजी से विस्तार के कारण दुनिया की किसी भी अन्य जगह की अपेक्षा भारत में सौर ऊर्जा बनाना सस्ता है. उन्होंने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि बाइडेन प्रशासन में भारत अमेरिका का अहम सहयोगी है.
उत्पन्न होंगी नई Jobs
केरी ने कहा, ‘मुझे यह देखकर बेहद खुशी हुई कि भारत के बजट में स्वच्छ ऊर्जा पर काफी जोर दिया गया. हम जानते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय कारोबार जलवायु परिवर्तन से निपटने को लेकर प्रतिबद्ध हैं और इससे उत्पन्न होने वाली चुनौतियों से निपटना अच्छी तरह से जानते हैं’. बता दें कि अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुमान के मुताबिक, यदि भारत स्वच्छ ऊर्जा तकनीक अपनाने की दिशा में ज्यादा तेजी से काम करता है, तो 2030 तक अतिरिक्त आधा मिलियन नौकरियां उत्पन्न हो सकती हैं.

