7 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे कमल नाथ, बेटा नकुल ने किया ऐलान

Kamal Nath will take oath as Chief Minister on December 7, son Nakul announced
Kamal Nath will take oath as Chief Minister on December 7, son Nakul announced

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री वर्तमान कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ 7 दिसंबर 2023 को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। यह बात हम नहीं कर रहे हैं, यह दावा छिंदवाड़ा से सांसद और कमल नाथ के बेटा नकुल नाथ ने किया है। एक कार्यकर्ता सम्मलेन में नकुल कहते दिख रहे हैं कि कमल नाथ जी 7 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ भोपाल में लेंगे, आप सभी जरूर आईएगा। सोशल मीडिया में यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है, जबकि प्रदेश में कांग्रेस के दो बड़े गुट दिखाई देने लगे हैं। एक कमल नाथ तो दूसरा दिग्विजय सिंह का गुट। भाजपा भी कांग्रेस की इस गुटबाजी को भुनाने में जुटी है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने तो कमल नाथ — दिग्विजय सिंह की जोड़ी को ​नाम लिये बगैर जय—वीरू की संज्ञा दे दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के जय और वीरू आपस में झगड़ रहे हैं। लूट के माल के लिए इनकी लड़ाई जारी है। दोनों ही अपने—अपने बेटों (नकुल नाथ, जयवर्धन सिंह) को स्थापित करने में जुट गए हैं। आपको बता दें कि भले आज नकुल नाथ अपने पिता को भावी मुख्यमंत्री मान चुके हों, लेकिन पिछले दिनों कमल नाथ ने मीडिया के सामने खुलेआम कहा था कि छिंदवाड़ा जिले की 7 विधानसभा सीटों में प्रत्याशी सांसद नकुल नाथ तय करेंगे और नाम का ऐलान भी करेंगे। ऐसा हुआ भी था। अब भाजपा फिर हमलावर होते दिख रही है। भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने ट्वीट करते हुए कहा कि नकुल नाथ ने पूर्व में केंद्रीय नेतृत्व के पहले ही छिन्दवाड़ा के टिकट बांट दिये थे और अब पिताजी को मुख्यमंत्री भी घोषित कर दिया। सलूजा ने सोशल मीडिया में लिखा कि लगता है कि सोनिया जी, खरगे जी की कांग्रेस से, इनकी कांग्रेस अलग है, जिसमें सारे फ़ैसले ये ही लेते है। सलूजा ने कहा कि ये तो हद है। वैसे ख़याली पुलाव अच्छा पका लेते है। सपने देखना बुरी बात नहीं है।

Kamal Nath will take oath as Chief Minister on December 7, son Nakul announced

वर्ष 2018 में हुए विधानसभा चुनाव 28 नवंबर को हुआ था। 11 दिसंबर को चुनाव परिणाम आए थे, जिसमें प्रदेश की कुल 230 विधानसभा सीटों में से कांग्रेस को 114 सीटें मिली हैं। वह बहुमत के आंकड़ों से 2 सीट कम पर थी। बसपा के दो, सपा के एक और चार अन्य निर्दलीय विधायकों ने कांग्रेस को समर्थन दिया था। 121 विधायकों के साथ कमल नाथ ने 17 दिसंबर को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। आपको बता दें इस बार मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मतदान 17 नवंबर को होना है। परिणाम 3 दिसंबर को आएंगे। कमल नाथ को कांग्रेस ने छिंदवाड़ा से मैदान में उतारा है। जबकि 2018 में कमल नाथ विधानसभा चुनाव नहीं लड़े थे, तब वे सांसद थे। बाद में उन्होंने छिंदवाड़ा सीट से उपचुनाव जीता था।

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