भोपाल। कमल नाथ (Kamalnath) ने कहा है कि जब मध्य प्रदेश में उनकी सरकार बनेगी तो यहां जातिगत जनगणना कराई जाएगी। इस पर भाजपा ने सवाल उठाए हैं कि खुदकी जाति छिपाने वाले कमल नाथ अब दूसरों की जाति पूछेंगे। कमल नाथ (Kamalnath Caste) किस जाति के हैं? यह बड़ा रहस्य है। मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा भी पिछले दिनों यह सवाल कर चुके हैं। जाति का सवाल तो हर कोई पूछ रहा है, लेकिन कोई भी कमल नाथ की जाति बताने को तैयार नहीं है। खुद कमल नाथ ने 2018 के विधानसभा चुनाव से पहले पत्रकारों द्वारा जाति पूछने संबंधी सवाल के जवाब में कहा था- ‘राजनीति मेरे लिए समाजसेवा है और मेरी जाति हिंदुस्तानी है।’ लेकिन उन्होंने अपनी जाति नहीं बताई थी। जब हमने कमल नाथ की जाति खोजने की कोशिश की तो अलग-अलग जवाब सामने आए। कमल नाथ का जन्म कानपुर में एक स्थापित व्यवसायी परिवार में हुआ था। बाद में उनका परिवार कोलकाता में शिफ्ट हो गया। यहां पले-बढ़े कमल नाथ ने 2018 के चुनाव से पहले कभी राज्य की राजनीति में हाथ नहीं डाला। जब उन्हें सीएम प्रत्याशी बनाया गया और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद दिया गया तो कमल नाथ को अपनी ही पार्टी कांग्रेस में ‘बाहरी’ होने के टैग से जूझना पड़ा। कमल नाथ न ही अनुसूचित जनजाति से आते हैं, न ही अनुसूचित जाति से, वे पिछड़ा वर्ग के भी नहीं है। वे सामान्य वर्ग से हैं। वे पंजाबी खत्री समुदाय से संबंधित हैं। कमल नाथ की जाति पंजाबी खत्री है। कमल नाथ के कई परिजन आज भी कानपुर में रहते हैं। कई जगह यह जाति उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग में भी आती है। कुछ दस्तावेजों के अनुसार खत्री पंजाब का सर्वोच्च वर्ग है। उन्हें ब्राह्मणों और राजपूतों के साथ उच्च दर्जा और समकक्ष दर्जा प्राप्त है।


