Lohri 2021: कड़ाह प्रसाद बिन अधूरी है लोहड़ी, देसी घी और गुड़ के मेले से शरीर बनता है बलवान – lohri 2021 here is the health benefits of kadah prasad and know how to prepare it at home

गुरुद्वारा में जाने वाला कोई भी भक्त कभी खाली हाथ नहीं लौटता, क्योंकि उसे भगवान के आशीर्वाद के रूप में कड़ाह प्रसाद (मीठा हलवा) की सौगात अवश्य दी जाती है। इस प्रसाद का स्वाद अदभुत होता है क्योंकि इसे तैयार करने के दौरान पवित्र भजनों का जाप किया जाता है।

संभवत: यह भी एक कारण हो सकता है कि कड़ाह प्रसाद को घर पर तैयार करते समय इसमें गुरुद्वारे के प्रसाद जैसा स्वाद नहीं आ पाता है। लोहड़ी या गुरुपर्व के अवसर पर घर-घर में पवित्र कड़ाह प्रसाद बनाया जाता है। हालांकि, यह ज्यादातर पंजाब में मनाया जाता है। गुरुद्वारे या लंगर में प्रसाद के रूप में मिलने वाले कड़ाह प्रसाद से मिलनेवाले हेल्थ बेनेफिट्स को जानने के लिए पढ़ें यह आर्टिकल…

​पौष्टिकता से भरपूर होता है कड़ाह प्रसाद

कड़ाह प्रसाद, प्रसाद के रूप में भगवान के आशीर्वाद का एक रूप ही नहीं है, बल्कि स्वादिष्ट होने के साथ-साथ यह पौष्टिकता से भी भरपूर होता है। सुबह के नाश्ते में बच्चों के लिए कड़ाह प्रसाद बेहद अच्छा होता है। चूंकि आज लोहड़ी का त्योहार है तो ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए इस प्रसाद को घर पर ही बना सकते हैं।

कड़ाह प्रसाद बनाने की रेसिपी

सामग्री

  • 1 कप साबुत गेहूं का आटा
  • 1 कप देसी घी,
  • 1 कप चीनी या 1/2 कप गुड़
  • 1 कप पानी

बनाने की विधि

  1. एक कड़ाही में घी पिघलाएं और फिर गेहूं का आटा डालकर धीमी आंच पर सुनहरा भूरा होने तक भूनें।
  2. जब आटा घी के साथ अच्छी तरह मिक्स हो जाए तो थोड़ा पानी डालें, कड़ाही को ढक्कन से ढंक दें और मिश्रण को 5 मिनट तक पकाएं।
  3. थोड़ी देर बाद, मिश्रण को अच्छी तरह से हिलाएं और चीनी या गुड़ डालें। चीनी या गुड़ के पूरी तरह घुलने तक हिलाएं।
  4. कड़ाह प्रसाद को लगातार चलाते हुए पकाते रहिए ताकि इसमें गुठलियां न पड़ जाएं।

जब घी की परत आटे से अलग होती दिखे तो आंच बंद कर दें। कड़ाह प्रसाद (आटे का हलवा) तैयार है।

​कड़ाह प्रसाद के हेल्थ बेनेफिट्स

कड़ाह प्रसाद साबुत गेहूं के आटे, घी और चीनी / गुड़ के साथ तैयार किया जाता है। इसलिए, इसका सेवन करने वाले को बहुत सारे हेल्थ बेनेफिट्स मिलते हैं।

गेहूं: साबुत गेहूं विभिन्न प्रकार के पोषक तत्वों, मिनरल्स, प्रोटीन और फाइबर से भरपूर होता है। यह पाचन को मजबूत करता है, मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और लंबे समय तक आपके पेट को भरा रखता है।

​घी:

कड़ाह प्रसाद तैयार करने के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला देसी घी एक नेचुरल लुब्रिकेंट का काम करता है। यह जोड़ों और हड्डियों को स्वस्थ रखता है। इसके अलावा, इसमें कम मात्रा में फैटी एसिड होते हैं जो पचाने में आसान होते हैं। घी मेटाबॉलिज्म को बढ़ाता है और वसा के जमाव को रोकता है। डाइजेशन को सही करने के अलावा, घी त्वचा को प्राकृतिक रूप से मॉइस्चराइज और नरिश करता है।

​गुड़:

कुछ लोग चीनी के बजाय गुड़ का उपयोग करना पसंद करते हैं, यह भी स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक है। सामान्य सर्दी / खांसी से लड़ने की क्षमता के अलावा, गुड़ इम्म्युनिटी पावर को बढ़ाता है, पाचन में सहायता करता है, मांसपेशियों में दर्द से राहत देता है और शरीर से विषाक्त पदार्थों को समाप्त करता है।

​चीनी:

हालांकि ज्यादातर लोग चीनी के सेवन से बचते हैं, लेकिन यह बॉडी के लिए जरूरी भी है। शरीर में शुगर की कमी से हेल्थ प्रॉबलम्स होती हैं। इसलिए, आवश्यक मात्रा में चीनी का सेवन आपके शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा।


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