मंदसौर, मध्य प्रदेश: मंदसौर के साबाखेड़ा गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक किसान के खेत में बनी झोपड़ी से 60 से ज़्यादा कोबरा सांप के बच्चे निकले। सर्प मित्र दुर्गेश पाटीदार ने इन सभी ज़हरीले सांपों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ा।
घटना शुक्रवार शाम की है। गोपाल दायमा अपने खेत पर बनी झोपड़ी में चाय बनाने गए थे, तभी उनकी नज़र एक गड्ढे में सांपों के मुंह पर पड़ी। उन्होंने तुरंत सर्प मित्र दुर्गेश पाटीदार को सूचना दी। पाटीदार ने मौके पर पहुंचकर कुछ सांपों को पकड़ा, लेकिन जब गड्ढे में पानी डाला गया, तो बड़ी संख्या में सांप बाहर निकलने लगे। एक-एक करके उन्होंने करीब 60 सांपों को पकड़ा। दुर्गेश पाटीदार के अनुसार, गड्ढे में लगभग 100 सांप थे, जिनमें से 60 का रेस्क्यू कर उन्हें पास के जंगलों में छोड़ दिया गया, जबकि कुछ सांप रेस्क्यू के दौरान इधर-उधर भाग गए।
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आते ही इलाके में सनसनी फैल गई।
डीएफओ संजय रायखेरे ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि ये सेंट्रल इंडिया के नाग (कोबरा) हैं, जो बेहद खतरनाक होते हैं। उन्होंने कहा कि इन सांपों में पैदाइश से ही इतना ज़हर होता है कि ये किसी व्यक्ति की जान ले सकते हैं। हालांकि, अधिकारी ने यह भी बताया कि सामान्य तौर पर एक मादा कोबरा एक बार में 20 से 40 अंडे देती है, ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में सांपों का मिलना असामान्य है। फिलहाल, सभी सांपों को सुरक्षित छोड़ दिया गया है।