massive 6.2 earthquake hits Indonesia so far left 42 people dead, over 800 others injured | Indonesia: 6.2 तीव्रता के भूकंप से भारी तबाही, Sulawesi में 42 की मौत; बचाव कार्य जारी

जकार्ता: इंडोनेशिया (Indonesia) के पश्चिम सुलावेसी प्रांत में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप में अब तक 42 लोगों की मौत हो गई है, वहीं 800 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. भूकंप प्रभावित क्षेत्र से 15,000 लोगों को सुरक्षित पर ले जाया गया है. अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि भूकंप के कारण घरों और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचा है. राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन एजेंसी के प्रवक्ता रादित्य जति ने बताया कि, शुक्रवार को मामुजू और मजेने में आए भूकंप के बाद आने घायल हुए लोगों का फील्ड हॉस्पिटल और अन्य अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.

राहत और बचाव का काम जारी

NDRF प्रवक्ता के मुताबिक, मामुजू में 189 लोगों को गंभीर चोटें आईं और 639 लोगों को मामूली चोटें आई हैं. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘जिन मरीजों का इलाज प्रभावित अस्पतालों में किया गया था, उन्हें फील्ड अस्पतालों में भेज दिया गया है.’ प्रांतीय सामाजिक कार्यालय के एक अधिकारी सियरीफुद्दीन एस, के अनुसार, भूकंप ने मामुजू में मित्रा मनकारा अस्पताल को तबाह कर दिया है. प्रवक्ता ने कहा कि स्थानांतरित किए गए लोगों को 10 निकासी केंद्रों में ठहराया गया है. वहीं प्रभावित लोगों को आपातकालीन राहत सामग्री भी भेजी गई है.

30 दिन में 782 बार हिली धरती

वहीं खतरे का मूल्यांकन और प्रभावित लोगों को स्थानांतरित किए जाने का काम वर्तमान में जारी है. अधिकारियों के अनुसार, पिछले 30 दिनों में इंडोनेशिया में 6.0 या उससे अधिक तीव्रता के तीन भूकंप, 5.0 और 6.0 के बीच तीव्रता के 22 भूकंप, 4.0 और 5.0 के बीच तीव्रता के 143 झटके, 3.0 और 4.0 के बीच 367 झटके और 2.0 और 3.0 के बीच 247 झटके आए हैं.

कुदरत के कहर की वजह जानिए

इंडोनेशिया में सबसे ज्यादा प्राकृतिक तबाही की वजह इसकी भौगोलिक स्थिति है. ‘रिंग ऑफ फायर’ के सबसे बड़े हिस्सेदार इंडोनेशिया के अलावा जावा और सुमात्रा भी इसी डेंजर जोन में आते हैं. भू वैज्ञानिकों के मुताबिक ज्वालामुखी फटने से पहले यहां तगड़े भूकंप से झटके आते हैं. आपको बताते चलें कि करीब 40 हजार वर्ग किमी के इस हिस्से में दुनिया के कुल एक्टिव ज्वालामुखी में 75% यहीं पर स्थित हैं. 

भूकंप से साल 2019 में 26 सितंबर को करीब 41 लोग मारे गए थे, जबकि 1,578 अन्य घायल हुए थे और करीब 150,000 से अधिक लोगों को स्थानांतरित किया गया था. तब भूकंप की तीव्रता 6.5 थी. प्राकतिक आपदाओं की वजह से इस देश में लोग अब अपनी बिल्डिंगों को ढहने से बचाने के लिए खराब हो चुके टायरों का प्रयोग करने लगे हैं. 

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