Massive crowd gathered in rally of Left-Congress and Secular Front But tussle over seat sharing – लेफ्ट-कांग्रेस और सेकुलर फ्रंट की रैली में उमड़ी भीड़ पर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज

लेफ्ट-कांग्रेस और सेकुलर फ्रंट की रैली में उमड़ी भीड़ पर सीट बंटवारे को लेकर खींचतान तेज

कांग्रेस और सेकुलर फ्रंट के बीच सीटों का बंटवारा तय नहीं हो पाया

कोलकाता:

पश्चिम बंगाल की सत्ता एक दशक पहले गंवाने वाले लेफ्ट ने कांग्रेस और इंडियन सेकुलर फ्रंट के साथ गठबंधन (Left-Congress-ISF Alliance) किया है, जिसकी कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में रविवार को विशाल रैली हुई. रैली के जरिये  दिखाने की कोशिश हुई कि गठबंधन बंगाल में तीसरा विकल्प बन सकता है, जिसे अभी तक TMC बनाम BJP की चुनावी जंग ही माना जा रहा है. पश्चिम बंगाल में आठ चरणों का विधानसभा चुनाव 27 मार्च से शुरू होगा

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हालांकि आईएसएफ प्रमुख अब्बास सिद्दीकी (Abbas Siddiqui) ने कांग्रेस को परोक्ष रूप से धमकी देते हुए सीटों के बंटवारे पर नाराजगी जताई. सिद्दीकी ने कहा कि आईएसएफ भागीदार बनने और अपना सही दावा पाने के लिए रैली में शामिल हुई है. आईएसएफ का विधानसभा चुनाव में वाम मोर्चे के साथ सीट बंटवारे पर समझौता हो चुका है जबकि कांग्रेस से बातचीत चल रही है. अब्बास सिद्दीकी ने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके अहंकार के लिए सबक सिखाएगी. सिद्दीकी ने कहा कि हम तुष्टीकरण नहीं चाहते हैं. हम इस देश के किसी भी अन्य नागरिक की तरह अपना हक चाहते हैं. हमारे पास भी समान अधिकार हैं.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने दावा किया कि महागठबंधन पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस और भाजपा दोनों को हराएगा. चौधरी ने कहा कि बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने से साबित होता है कि आगामी चुनाव दो दलों के बीच नहीं होगा. माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा कि आरएसएस-भाजपा की सांप्रदायिक गतिविधि को रोकने के लिए यह जरूरी है कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पहले तृणमूल कांग्रेस को हराया जाए.

उन्होंने दावा किया कि राज्य में त्रिशंकु विधानसभा होने की स्थिति में टीएमसी सरकार बनाने के लिए फिर से एनडीए में शामिल हो सकती है.पश्चिम बंगाल माकपा सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने कहा कि वाम-कांग्रेस का महागठबंधन राज्य में रोजगार, औद्योगिक विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा. बंगाल को ऐसी सरकार की आवश्यकता है, जो तृणमूल और भाजपा की नकल नहीं हो.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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