मोहन यादव ने राजस्थान के कोटा जिले के ग्राम रींछी में आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में भाग लेकर नवदंपतियों को सुखद और मंगलमय वैवाहिक जीवन की शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर उनके साथ ओम बिरला भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री ने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन समाज में सादगी, समरसता और सामाजिक जागरूकता का संदेश देते हैं। ऐसे आयोजनों से अनावश्यक खर्चों पर रोक लगती है और समाज में समानता की भावना मजबूत होती है।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मध्यप्रदेश और राजस्थान के संबंधों को “भाई-भाई” बताते हुए दोनों राज्यों के बीच सांस्कृतिक और धार्मिक सहयोग को और मजबूत करने की बात कही।मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश और राजस्थान मिलकर उन स्थलों को विकसित कर रहे हैं, जहां भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी लीलाएं की थीं। ‘श्रीकृष्ण पाथेय योजना’ के माध्यम से इन स्थलों को तीर्थ के रूप में विकसित किया जा रहा है,
जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, ग्रामीण और नवविवाहित जोड़े उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का संदेश प्रमुख रूप से उभरकर सामने आया।


