May 24, 2020

mood boosting tips: Stay Stress Free: फूड और डांस से बढ़ते हैं ये हॉर्मोन्स, हमें रखते हैं तनावमुक्त – good eating and dancing are the mood boosting tips in lock down


NBT

हॉर्मोन्स और न्यूरोट्रांसमीटर्स हमारे मूड और फीलिंग्स को बहुत गहराई तक प्रभावित करते हैं, इतना कि हम अच्छा फील कर रहे हैं या बुरा यह भी हमारे हॉर्मोन्स पर निर्भर करता है। हमारे ब्रेन में कुछ पर्टिकुलर नर्व्स हैं जो खुशी और दुख जैसी भावनाओं की अनुभूति कराती हैं और इसी फील पर हमारा मूड डिपेंड करता है कि हम हैपीनेस फील करेंगे या सेडनेस।

एंग्जाइटी से बचाने के लिए जूरूरी

-हमें एंग्जाइटी जैसी मानसिक बीमारी से बचाने का काम करता है एस्ट्रोजन हॉर्मोन। जिन लोगों में एस्ट्रोजन की कमी होती है, उनका मूड हर समय खराब रहता है और वे बहुत चिड़चिड़े हो जाते हैं। महिलाओं में खासतौर पर मेनॉपॉज के वक्त एस्ट्रोजन की कमी हो जाती है, इस कारण उन्हें बहुत जल्दी इरिटेशन होने लगती है।

मूड स्विंग्स से बचाने का काम

-प्रोजेस्टेरॉन हॉर्मोन हमें चिंता, चिड़चिड़ापन और मूड स्विंग्स से बचाता है। महिलाओं में आमतौर पर 35 साल से 40 साल की उम्र के बीच यह हॉर्मोन प्राकृतिक रूप से कम होने लगता है। क्योंकि यह उम्र महिलाओं में प्रीमेनॉपॉज ऐज कहलाती है। यानी रजोनिवृत्ति से पहले का वक्त।

Sleeping Disorder: भारत में कॉमन हैं ये 4 तरह के स्लीपिंग डिसऑर्डर, उड़ी रहती है नींद

NBT

प्रोजेस्टेरॉन हॉर्मोन की जरूरत

सेरॉटोनिन बनाता है मूड को बेहतर

-एक्सर्साइज से इंडोर्फिन निकलता है और मनपसंद खाने, गाना सुनने या कोई पसंद का काम करने से डोपामाइन रिलीज होता है। वहीं सेरॉटोनिन मूड बूस्टर की तरह काम करता है। यह ऐंटीडिप्रेसेंट भी है। यानी हमें डिप्रेशन में जाने से बचाता है। ये तीनों ही न्यूरोट्रांसमीटर्स हमारे मूड को सही रखने और हमें मेंटली हेल्दी रखने में मदद करते हैं।

सत्य नडेला भी मानते हैं, युवाओं के लिए हानिकारक लंबे समय तक Work From Home

डोपामाइन रखता है दिमाग को शांत

-डोपामाइन को प्लेजर हॉर्मोन भी कहते हैं। सेक्शुअल ऐक्टिविटी से भी डोपामाइन रिलीज होता है। किसी भी ऐक्टिविटी को लेकर हमारा एक्साइटमेंट भी इसी की देन होती है। डोपामाइन किसी भी मनपसंद काम को करने पर रिलीज होता है। इसलिए कहा जाता है कि अपनी पसंद को वरीयता दें और खुश रहें।

NBT

मूड को हैपी रखने के लिए जरूरी हॉर्मोन्स

ऑक्सीटोसिन है बढ़ाता है प्यार

-ऑक्सीटोसिन को लव हॉर्मोन के नाम से भी जाना जाता है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार ऑक्सिटोसिन एक ऐसा हॉर्मोन है जो हमारे अंदर संतुष्टि का भाव पैदा करता है। जिन लोगों को हम बहुत प्यार करते हैं और जिनका अपने आस-पास होना हमें अच्छा लगता है, उन लोगों के साथ वक्त बिताने पर ऑक्सीटोसिन हॉर्मोन रिलीज होता है और हमारा मूड अच्छा रहता है।

Yoga Effect On Depression: दो आसान योगासन, दिमाग और शरीर को रखें जवां

ऐसे बनाए रखें हैपी हॉर्मोन्स का स्तर

-प्रोजेस्टेरॉन हॉर्मोन कम हो जाने से तनाव बढ़ता है। इसका लेवल बनाए रखने के लिए महिलाओं को हेल्दी डायट लेनी चाहिए। ऐसी ऐक्टिविटीज करें, जो आपको खुशी दें।

-हमारी बॉडी में हैपी हॉर्मोन्स का स्तर बढ़ाने में माइक्रोन्यूट्रिऐंट्स बहुत महत्वपूर्ण रोल अदा करते हैं। बॉडी को भरपूर मात्रा में माइक्रोन्यूट्रिऐंट्स मिलें इसके लिए आप ड्राई फ्रूट्स खाएं। इससे हमारे शरीर को हैपी हॉर्मोन्स के सीक्रेशन में करने में मदद मिलती हैं।

NBT

मन को शांत और खुश रखते हैं मौसमी फल

– ऐसा फूड खाएं जिससे फाइबर और कार्बोहाइड्रेट मिले। जैसे, हरी सब्जियां और साबुत अनाज और मौसम के अनुसार आनेवाले फल।

Drinks For Summer: टेस्टी लिक्विड डायट से बढ़ाएं इम्युनिटी, गर्मी में रहे हाइड्रेट

-जब हम अपने किसी भी काम को प्लानिंग के हिसाब से करते हैं तो अपने आप को कई तरह के तनाव से मुक्त कर लेते हैं। बेवजह के स्ट्रेस से बचने के लिए जरूरी है कि आप अपनी प्राथमिकता के हिसाब से अपने कामों की लिस्ट बनाएं।

-गाने सुनना और डांस करना हमारे मूड को रिलैक्स करता है। इन ऐक्टिविटीज का हमारे दिमाग पर तुरंत असर दिखता है। इसलिए अपनी पसंद का संगीत सुने, डांस करें और हैपी हॉर्मोन्स के लेवल को बनाए रखें।

-स्ट्रेस रिलीज करने के लिए गहरी सांस लें, योग और मेडिटेशन करें। इससे आपको तनाव मुक्त रहने और सही निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

Immunity Booster Peel: बहुत स्वादिष्ट होती है केले के छिलकों की सब्जी, बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *