MPCST Bhopal : विद्यार्थियों ने रिमोट सेंसिंग, जीआईएस की नवीनतम तकनीक को समझा

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मेपकॉस्ट में तकनीकी यात्रा पर आए ओरिएण्टल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के विधार्थी

भोपाल। मध्य प्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (मेपकॉस्ट) में एक निजी कॉलेज के विद्यार्थियों ने रिमोट सेंसिंग, जीआईएस एवं एडवांस बायो टेक्नोलॉजी की नवीनतम तकनीकी ज्ञान को समझा। मेपकॉस्ट के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र सिंह डाबी ने बताया कि भोपाल स्थित ओरिएण्टल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के आईटी ब्रांच पांचवे सेमेस्टर के विद्यार्थी मेपकॉस्ट पहुंचे और विज्ञान की नई विद्याओं को जाना—एवं समझा। इन विधार्थियों ने ने मेपकॉस्ट की जीआईएस लैब, लैंड यूज़ लैब, एग्रीकल्चर व सॉइल लैब एवं बायो टेक्नोलॉजी लैब का भ्रमाण किया। इसरो के द्वारा छोड़े गए उपग्रहों से भारत सरकार को प्राप्त सैटेलाइट डाटा को किस प्रकार मध्य प्रदेश के लिए उपयोग करने हेतु तैयार किया जाता है? यह जानकारी भी तकनीकी यात्रा के दौरान विद्यार्थियों को दी गई। मेपकॉस्ट के वैज्ञानिकों से विद्यार्थियों ने संवाद करके एडवांस तकनीकियों के सॉफ्वेयर निर्माण में बेहतर कॅरियर सम्भावनाओं को भी जाना। मेपकॉस्ट के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. शैलेन्द्र सिंह डाबी ने बताया कि भारत के तकनीकी अनुसंधान में विद्यार्थी कैसे कार्य कर सकते हैं? इसकी जानकारी वैज्ञानिकों ने विद्यार्थियों को प्रदान की। ओरिएण्टल इंस्टिट्यूट ऑफ़ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की प्रोफ़ेसर डॉ. पारुल खत्री ने इस तकनीकी यात्रा का नेतृत्व किया गया। खत्री के मार्गदर्शन से आईटी ब्रांच के विधार्थियों को प्रयोगशाला में जाकर तकनीली अनुसंधान के क्षेत्र में हो रहे कार्यों से रूबरू होने का अवसर प्राप्त हुआ। मेपकॉस्ट की और से तकनीकी यात्रा का समन्वय डॉ शैलेन्द्र सिंह डाबी, प्रधान वैज्ञानिक एवं प्रभारी मानव संसाधन प्रभाग मैपकॉस्ट ने किया। विद्यार्थी समन्वय का कार्य डॉ प्रवीण दिघर्रा प्रधान वैज्ञानिक मेपकॉस्ट द्वारा सम्पन्न किया गया।

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