छतरपुर जिले के नौगांव में निर्माणाधीन स्वागत (तोरण) द्वार गिरने की घटना को लेकर जिला प्रशासन ने कठोर और सख्त कार्रवाई की है। हादसे में एक मजदूर की मौत और अन्य मजदूरों के घायल होने के बाद कलेक्टर पार्थ जैसवाल ने त्वरित संज्ञान लेते हुए नगर पालिका नौगांव के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (CMO) आर.एस. अवस्थी एवं उपयंत्री गगन सूर्यवंशी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों अधिकारियों को निलंबन अवधि में कलेक्टर कार्यालय से अटैच किया गया है।कलेक्टर के आदेश के अनुसार, जांच दल द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में दोनों अधिकारियों को घटना के लिए जिम्मेदार माना गया है। पर्याप्त नियंत्रण और पर्यवेक्षण न होने के कारण यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3(1), 3(2) एवं 3(3) के अंतर्गत कदाचरण की श्रेणी में पाया गया है। निलंबन काल में दोनों को मूलभूत नियम 53-बी के तहत नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।ठेकेदार पर FIR के निर्देशकलेक्टर पार्थ जैसवाल ने संयुक्त दल, अनुभाग नौगांव द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन के आधार पर ठेकेदार प्रो. रमेश विश्वकर्मा, पिता नाथूराम विश्वकर्मा, निवासी वार्ड क्रमांक-14 नौगांव के विरुद्ध थाना नौगांव में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में तहसीलदार रमेश कौल को विधिवत अधिकृत किया गया है।जांच में उजागर हुई गंभीर तकनीकी और सुरक्षा लापरवाहीजांच प्रतिवेदन में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया है कि निर्माणाधीन स्वागत द्वार का सिविल निर्माण कार्य साइट पर इलेक्ट्रिकल इंजीनियर से कराया जा रहा था, जो इस प्रकार के सिविल कार्य का विशेषज्ञ नहीं था। इतना ही नहीं, घटना के समय संबंधित इंजीनियर मौके पर उपस्थित भी नहीं था, जिससे कार्य की निगरानी पूरी तरह से अनुपस्थित रही।
इसके अलावा ठेकेदार द्वारा करीब 7 मीटर की ऊंचाई पर मजदूरों से बिना किसी पर्याप्त सुरक्षा उपायों और सावधानियों के कार्य कराया जा रहा था। न तो सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे और न ही श्रमिक सुरक्षा मानकों का पालन किया गया। इस लापरवाही के चलते मजदूरों की जान को गंभीर खतरे में डाला गया, जिसकी परिणति इस दुखद हादसे के रूप में सामने आई।हादसे में एक मजदूर की मौत, अन्य घायलउल्लेखनीय है कि बीते शुक्रवार को नौगांव स्थित धौर्रा मंदिर के समीप निर्माणाधीन तोरण द्वार का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक तोरण द्वार धराशायी हो गया, जिससे वहां काम कर रहे चार मजदूर मलबे में दब गए। हादसे में करारागंज निवासी 25 वर्षीय मजदूर राममिलन पिता गोरेलाल बुनकर की मौके पर ही मलबे में दबने से दुखद मृत्यु हो गई।घटना में भानु कुशवाहा, धर्मेंद्र अहिरवार और संतु अहिरवार घायल हुए। घायलों में संतु अहिरवार की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया, जबकि अन्य घायलों का नौगांव में उपचार जारी है।
मृतक एवं घायलों को आर्थिक सहायताकलेक्टर पार्थ जैसवाल ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मृतक राममिलन बुनकर के परिजनों को रेडक्रॉस सोसायटी से 20 हजार रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। वहीं घायलों को 5-5 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है।विशेष जांच दल गठित, आगे और कार्रवाई संभवकलेक्टर ने स्वागत/तोरण द्वार के गिरने के कारणों, निर्माण की गुणवत्ता तथा निर्माण एजेंसी की भूमिका की विस्तृत जांच के लिए पूर्व में ही एक विशेष जांच दल का गठन किया था। जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। प्रशासन का कहना है कि रिपोर्ट में यदि और भी जिम्मेदार तथ्य सामने आते हैं, तो आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।इस सख्त कार्रवाई के बाद नगर पालिका और निर्माण एजेंसियों में हड़कंप मचा हुआ है। स्थानीय नागरिकों ने भी प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए भविष्य में ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए कठोर निगरानी और जवाबदेही की मांग की है।


