उपराष्ट्रपति चुनाव में अपनी जीत सुनिश्चित करने और 100% मतदान का लक्ष्य हासिल करने के लिए, राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने एक अनोखी रणनीति अपनाई है। गठबंधन के सभी सांसदों को मतदान से पहले एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला में भाग लेना होगा।
इस 3-दिवसीय कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सांसदों को मतदान की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी देना है, ताकि कोई भी वोट अमान्य न हो। प्रशिक्षण के दौरान सांसदों को बैलेट पेपर पर सही निशान लगाने, मतदान के लिए निर्धारित पेन का उपयोग करने, और बैलेट पेपर को सही तरीके से मोड़कर मतपेटी में डालने के बारे में बताया जाएगा।
NDA का मुख्य ध्यान न केवल यह सुनिश्चित करना है कि सभी सांसद मतदान करें, बल्कि यह भी है कि उनके वोट वैध हों। इसके अलावा, गठबंधन का प्रयास किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग को रोकना और सभी सदस्यों का समर्थन हासिल करना है।
इस प्रशिक्षण के बाद, मतदान से ठीक एक दिन पहले, 8 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सभी NDA सांसदों को डिनर पर आमंत्रित करेंगे। यह डिनर एक तरह से सांसदों के बीच एकजुटता और समन्वय बढ़ाने का प्रयास माना जा रहा है।