लंदन: अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार (International booker award) को जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखिका (Writer) महज 29 साल की हैं. नीदरलैंड (Netherlands) की मारिके लुकास रिजनेवेल्ड (Marike Lucas Rijneveld) अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली सबसे कम उम्र की लेखिका बन गई हैं.
यह पुरस्कार मूल बुकर पुरस्कार से अलग है और इसका लक्ष्य विश्वभर में अच्छे उपन्यास (Novel) के अधिक प्रकाशन और उसे पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है. रिजनेवेल्ड की किताब ‘द डिस्कम्फर्ट ऑफ इवनिंग’ (The Disulfur of Evening) को बुधवार को विजेता घोषित किया गया. यह ग्रामीण नीदरलैंड के एक कट्टर ईसाई समुदाय के एक किसान परिवार की कहानी है.
ये भी पढ़ें- अंकिता लोखंडे ने खोली रिया के एक और झूठ की पोल, दिया ‘क्लॉस्ट्रोफोबिक’ होने का जवाब
नियमों के अनुसार पुरस्कार की ईनाम राशि 50,000 पाउंड लेखक और अनुवादक मिशेल हचिसन (Michelle Hutchison) के बीच बराबर बंटेगी. इस साल 30 भाषाओं से अनुवाद की गई 124 किताबें दौड़ में थीं.

