बर्लिन: भारत में निर्मित कोरोना वैक्सीन एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) से खून के थक्के जमने की खबरों के बीच जर्मनी (Germany) ने कहा कि उसे अब तक ऐसे कोई सबूत नहीं मिले हैं. इसलिए उसके यहां पर इस वैक्सीन से टीकाकरण चलता रहेगा.
टीके से खून के थक्के बनने के सबूत नहीं मिले- जर्मनी
जर्मनी (Germany) के स्वास्थ्य मंत्री जेंस स्पाह ने शुक्रवार को बर्लिन में कहा,’टीकों के संभावित गंभीर दुष्प्रभाव की खबरों को देश ने गंभीरता से लिया है. हमारे देश के ड्रग कंट्रोलर और यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी का कहना है कि टीका लेने से खून के थक्का बनने की आशंका के कोई सबूत नहीं मिले हैं. मुझे अफसोस है कि समझ की कमी के कारण शुक्रवार को यूरोपीय संघ के कुछ देशों ने एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) के टीके पर रोक लगा दी.’
एस्ट्राजेनेका टीके की नहीं मिली कोई शिकायत- ब्रिटेन
ब्रिटेन (UK) के ड्रग कंट्रोलर ने भी कहा कि एस्ट्राजेनेका के टीके के कारण लोगों में खून के थक्का बनने संबंधी कोई सूचना नहीं मिली है. ब्रिटेन में एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) टीके की 1.1 करोड़ से ज्यादा डोज लोगों को दी गई हैं. एस्ट्राजेनेका ने ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के साथ मिलकर इस कोरोना वैक्सीन को विकसित किया है. जबकि भारत इस टीके का व्यापक स्तर पर उत्पादन कर रहा है.
सबसे पहले डेनमार्क ने लगाई थी टीके पर रोक
बता दें कि कुछ लोगों में खून का थक्का बनने की खबरों के बाद सबसे पहले डेनमार्क ने एस्ट्राजेनेका (AstraZeneca) के टीके पर अस्थाई रोक लगाई थी. इसके बाद नार्वे, आइसलैंड और बुल्गारिया ने भी इसी तरह के कदम उठाए. बुल्गारिया के प्रधानमंत्री बोयको बोरिसोव ने मंत्रिमंडल की बैठक में कहा, ‘जब तक सारे संदेह दूर ना हो जाएं और विशेषज्ञ गारंटी न दें कि लोगों को कोई खतरा नहीं है. तब तक हम टीकाकरण को रोक रहे हैं.’उन्होंने कहा कि यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी की टीके को सुरक्षित बताए जाने पर ही देश में टीकाकरण शुरू किया जाएगा.
ये भी पढ़ें- AstraZeneca ने रद्द किया कोरोना वैक्सीन का ट्रायल, WHO ने दिया ये बयान
फ्रांस, पोलैंड और नाइजीरिया जारी रखें टीकाकरण
थाइलैंड ने भी जांच पूरी होने तक टीके के इस्तेमाल पर रोक लगाई है. वहीं रोमानिया और इटली ने खास बैच के टीके की खेप के इस्तेमाल को रोकने का फैसला किया है. ऑस्ट्रिया ने भी टीके की खेप के एक बैच से टीकाकरण को रोकने का निर्णय किया. हालांकि फ्रांस, पोलैंड और नाइजीरिया ने कहा है कि वे टीके का इस्तेमाल जारी रखेंगे और राष्ट्रीय नियामक भी इस संबंध में जांच करेंगे.
LIVE TV


