छतरपुर । दिमाग अगर बाहरी विकारों और नकारात्मक विचारों से घिरा है तो नई सोच जन्म नहीं ले सकती। ब्रेन फ्री होगा, तभी दिमाग यह सोच पाएगा कि नया क्या किया जा सकता है। तीन दिवसीय ‘बुद्धि की शुद्धि अभियान’ के पहले दिन पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवाओं को इसी सोच के साथ आगे बढ़ने का मंत्र दिया और कहा कि यदि समय पर सही ऑब्जेक्ट पर माइंड सेट हो गया तो लाइफ सेट हो जाएगी।उन्होंने कहा कि देश का भविष्य युवा हैं। इसलिए उन्हें अपनी नेतृत्व क्षमता बढ़ाने के साथ अपनी सोच को भी मजबूत बनाना होगा। उन्होंने कहा कि जीवन को एक ही नजरिए से देखने के बजाय उसे नए ढंग से समझने और परिस्थितियों से सीख लेने की जरूरत है।बागेश्वर धाम जन सेवा समिति के सहयोग से सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में शुरू हुये तीन दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन बागेश्वर महाराज ने युवाओं में अपनी शक्ति पहचानने के लिए प्रेरित किया। महाराज श्री ने कहा कि यदि मस्तिष्क बाहरी विकारों से मुक्त रहेगा तो वह नई ऊर्जा के साथ नई सोच विकसित करने में मदद करेगा। उन्होंने युवाओं से मोबाइल का कम से कम उपयोग करने की सलाह दी।*एआई चुनौती नहीं, खुद को बेहतर करने का मौका*महाराज श्री ने बदलते तकनीकी दौर का जिक्र करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का प्रभाव तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे समय में मनुष्य के सामने खुद को और बेहतर बनाने का अवसर है। तकनीक का सही उपयोग कर युवा अपनी क्षमता, रचनात्मकता और कार्यक्षमता को नई ऊंचाई दे सकते हैं।*पहली बार पहुंचे कई साधक*अभियान के पहले दिन बागेश्वर धाम में बड़ी संख्या में साधक पहुंचे। इनमें कई ऐसे भी थे जो पहली बार धाम आए। कार्यक्रम के दौरान साधकों ने आध्यात्मिक वातावरण और अपने अनुभवों को विशेष बताया। कई साधकों ने कहा कि पहले ही दिन उन्हें ऐसा अनुभव हुआ जिसने उन्हें जीवन और अपनी सोच को नए नजरिए से देखने के लिए प्रेरित किया। तीन दिवसीय अभियान में बुद्धि की शुद्धि के साथ सकारात्मक सोच, आत्मविकास, नेतृत्व क्षमता और आधुनिक दौर की चुनौतियों से सामंजस्य पर जोर दिया जा रहा है।


