organ transplantation timing: Organ Transplantation Queries: जानें, मरने के बाद कितनी देर तक जीवित रहता है शरीर का कौन-सा अंग – queries​ about organ donation and organ transplant in hindi

क्या आपको पता है कि जो लोग अपने शरीर पर टैटू गुदवा लेते हैं, डॉक्टर्स उन्हें ब्लड डोनर बनाने से बचते हैं? जी हां, ऐसा होता है कि अगर कोई व्यक्ति अपने शरीर पर टैटू गुदवा लेता है तो वह ब्लड डोनर नहीं बन सकता यानी जरूरत पड़ने पर किसी को अपना रक्त दान नहीं कर सकता। हां, अपनी मृत्यु के बाद ऑर्गन जरूर डोनेट (Organ Donation) कर सकता है…

डेथ के बाद कब तक जीवित रहते हैं ऑर्गन?

किसी इंसान की मृत्यु के बाद भी उसके शरीर के कुछ खास अंग कई घंटों तक जीवित रहते हैं। या कहिए कि इस काबिल रहते हैं कि यदि उन्हें किसी और व्यक्ति के शरीर में लगाया जाए तो वे फिर से जीवन देने का काम करते हैं। मृत व्यक्ति के शरीर में सबसे कम समय तक आंखें और सबसे अधिक समय तक किडनी इस लायक रहते हैं कि उन्हें किसी और के शरीर में प्रत्यारोपित किया जा सके…

कौन लोग नहीं कर सकते हैं ऑर्गन डोनेशन?

-जो लोग क्रूट्सफेल्ड जेकब रोग (Creutzfeldt-Jakob disease-CJD) से ग्रसित होते हैं, वे अपने अंगों का दान नहीं कर सकते हैं। ऐसे लोगों के शरीर के किसी भी अंग को किसी अन्य व्यक्ति में प्रत्यारोपित नहीं किया जाता है। क्योंकि यह एक ऐसा रोग है जो इंफेक्टेड टिश्यूज के जरिए दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकता है।

-इसके साथ ही इबोला वायरस डिजीज, ऐक्टिव कैंसर और एचआईवी से इंफेक्टेड लोगों के ऑर्गन्स को भी किसी अन्य व्यक्ति के शरीर में प्रत्यारोपित नहीं किया जाता है। क्योंकि ये बीमारियां डोनर के शरीर की संक्रमित कोशिकाओं (Cells) और ऊतकों (Tissues) के द्वारा उस व्यक्ति के शरीर में भी जा सकती हैं, जिसके शरीर में इनके अंग को प्रत्यारोपित किया जाता है।

इन लोगों का ब्लड नहीं लेते ऑर्गन लेते हैं

-हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, जिन लोगों ने अपने शरीर पर पर्मानेंट टैटू गुदवाए हुए होते हैं, उन लोगों के शरीर से ब्लड नहीं लिया जाता है। यानी ऐसे लोग चाहकर भी रक्त दान नहीं कर सकते हैं। लेकिन ये लोग अपनी डेथ के बाद ऑर्गन डोनर बन सकते हैं।

-टैटू बना चुके लोगों का ब्लड लेने से डॉक्टर्स इसलिए बचते हैं क्योंकि टैटू बनवाने की प्रॉसेस के दौरान जिस सुई (निडिल) का उपयोग होता कई बार वह निडिल टैटू बनवाने वाले व्यक्ति को हेपेटाइटिस का कैरियर बना देती है। यानी ऐसे लोगों में हेपेटाइटिस रोग तो होता है लेकिन इसके लक्षण नहीं दिखाई पड़ते हैं। साथ ही इन लोगों को एचआईवी (HIV) होने का खतरा भी रहता है।

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कितनी देर में ट्रांसप्लांट करना होता है कौन-सा अंग

जब किसी व्यक्ति की डेथ हो जाती है और उसने अपनी मृत्यु से पहले अपने शरीर के अंगों को दान करने के लिए फॉर्म भरा होता है या किसी व्यक्ति का परिवार उसकी मृत्यु के बाद अंगदान करना चाहता है तो वे इस बारे में जितनी जल्दी हो सके डॉक्टर को बता सकते हैं क्योंकि मृत्यु के बाद अलग-अलग अंगों को एक तय समयावधि के अंदर ही मृतक के शरीर से निकालकर जरूरतमंद व्यक्ति के शरीर में ट्रांसप्लांट करना होता है…

हार्ट -4 से 6 घंटा

लंग-4 से 6 घंटा

किडनी- 48 से 72 घंटा

लिवर -12 से 24 घंटा

पैंक्रियाज -12 से 18 घंटा

आंत – 6 से 12 घंटा

आंखें -4 से 6 घंटे के अंदर मृतक के शरीर से निकाल लेनी चाहिए। आंखों से कॉर्निया और आइबॉल जैसे पार्ट लिए जाते हैं। ऐसा नहीं है कि एक व्यक्ति की आंखें सिर्फ एक ही व्यक्ति को रोशनी दे सकती हैं। बल्कि एक व्यक्ति के कॉर्निया से 3 से 4 लोगों की जिंदगी को रोशन किया जा सकता है।

जब दो ऑर्गन एक साथ ट्रांसप्लांट करने हों?

-कुछ लोगों का हार्ट और लंग दोनों एक साथ डोनेट किए जाते हैं। इस केस में भी 4 से 6 घंटे के अंदर ही बॉडी से निकालने और ट्रांसप्लांट करने की प्रक्रिया को पूरा करना होता है।

ऐसे तय होता है कि आपके कौन-से अंग किसी दूसरे इंसान के काम आ सकते हैं


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