देवास, मध्य प्रदेश: देवास जिले के कांटाफोड़ थाना क्षेत्र अंतर्गत नयापुरा गांव के पास बीती रात एक दर्दनाक हादसा हुआ। एक अज्ञात वाहन ने सड़क पर बैठे सात गोवंशों को कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना के बाद, जिस तरह से मृत गोवंशों का ‘अंतिम संस्कार’ किया गया, उस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जेसीबी से धक्का देकर फेंके गए शव, ग्रामीणों में आक्रोश
घटना की सूचना मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पोस्टमार्टम किया गया। इसके बाद, नयापुरा पंचायत द्वारा मृत गोवंशों को निपटाने के लिए जेसीबी मशीन का इस्तेमाल किया गया। शवों को एक के ऊपर एक धक्का देकर गड्ढे में फेंक दिया गया, जिसमें न तो कोई धार्मिक क्रिया की गई और न ही उन्हें ठीक से ढंका गया। यह दृश्य बेहद पीड़ादायक था और ऐसा लग रहा था मानो वे मलबा हों, न कि जीव।
इस अमानवीय कृत्य से ग्रामीणों में भारी नाराज़गी देखी गई। ग्रामीणों का कहना था कि मौके पर न तो ग्राम सचिव मौजूद थे और न ही सरपंच, जिससे उनके आक्रोश को और बल मिला।
सीईओ ने दिए जांच के आदेश, सचिव-सरपंच को नोटिस
मामला सामने आने के बाद, कन्नौद जनपद की सीईओ अल्फिया खान ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने बताया, “मामला मेरे संज्ञान में आया है। सचिव से चर्चा की गई है। सरपंच और सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया जा रहा है।”इस घटना ने समाज की संवेदनशीलता पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या गोवंशों के प्रति सम्मान केवल नारों तक ही सीमित रह गया है? क्या “अंतिम संस्कार” का अर्थ अब केवल जेसीबी से गड्ढे में फेंक देना है? यह घटना गौ संरक्षण के दावों और जमीनी हकीकत के बीच के बड़े अंतर को दर्शाती है।
बाइट: * डॉ. कमल वास्केल, पशु चिकित्सा अधिकारी, कांटाफोड़
अल्फिया खान, सीईओ, जनपद पंचायत कन्नौद