नई दिल्ली/इस्लामाबाद: पाकिस्तान (Pakistan) ने अफगानिस्तान तालिबान पर से संयुक्त राष्ट्र (United Nations) की तरफ से प्रतिबंधों में ढील देते ही अपनी चाल चल दी है और तालिबान के शीर्ष नेतृत्व को पाकिस्तान की राजधानी (Islamabad) आने का न्यौता दिया है, जिसमें ‘अफगानिस्तान में शांति’ को लेकर बातचीत की जाएगी.
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता (Pakistan foreign ministry spokesperson) जाहिद हफीज चौधरी ने कहा कि ‘विदेश मंत्रालय के न्यौते’ (Invite of the Foreign Ministry) पर अफगानी तालिबान का ‘प्रतिनिधिमंडल’ पाकिस्तान का दौरा करेगा, जिससे ‘अफगानिस्तान में शांति प्रक्रिया’ (way forward in the Afghan Peace Process) को बढ़ाया जा सके.
इस ‘प्रतिनिधिमण्डल में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (United Nations security council) द्वारा घोषित आतंकियों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान ने 18 अगस्त को ही मंजूर किया है, लेकिन।पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय Pakistani Foriegn Ministry) ने कहा कि इस नोटिफिकेशन में अफगानिस्तान तालिबान के नेताओं पर लगे यूएन के प्रतिबंधों के बारे में जानकारी दी है. हालांकि इसका ये कतई मतलब नहीं है कि पाकिस्तान सरकार तालिबान पर किसी तरह के नए लगा रही है. हम मीडिया द्वारा फैलाई जा रही जानकारियों को हम खारिज करते हैं. इसका मतलब ये है कि यूएन द्वारा प्रतिबंधित तालिबान आतंकियों के खिलाफ पाकिस्तान सरकार कोई कार्रवाई नहीं करेगी.
पाकिस्तान ने जिन तालिबानी आतंकियों को न्यौता दिया है, उनमें तालीबान के शीर्ष वार्ताकार मुल्ला अब्दुल गनी बारादर (Taliban’s Chief negotiator Mullah Abdul Ghani Baradar) का नाम भी शामिल है. अब्दुल गनी बारादर पाकिस्तान के विदेश मंत्री एसएम कुरैशी से मुलाकात भी करेगा.
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की तरफ से लगाए गए प्रतिबंधों में संपत्तियां फ्रीज्ड होती हैं, साथ ही उनपर हथियारों की पाबंदी के साथ यात्रा प्रतिबंध भी होते हैं, लेकिन सितंबर 2020 में यूएन ने इन प्रतिबंधों में थोड़ी ढील दी है, ताकि अफगानिस्तान में शांति फिर से लाई जा सके.
इससे पहले, तालिबान के प्रतिनिधिमण्डल नें अक्टूबर 2020 में पाकिस्तान का दौरा किया था, तब पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने उनका जोरदार स्वागत किया था, जिसके बाद पूरी दुनिया की आंखे तन गई थी.

