Pakistan lied on Masood Ahzar in FATF | FATF में झूठ बोलकर फिर बेनकाब हुआ पाकिस्तान, अब इस तारीख को आएगा फैसला

नई दिल्ली: दुनिया भर में आतंकवादियों को आर्थिक मदद रोकने के लिए काम करने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) में एक बार फिर पाकिस्तान (Pakistan) बेनकाब हुआ है. मिली जानकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने FATF में मसूद अजहर पर झूठ बोला. पाकिस्तान ने मसूद अजहर को परिवार समेत लापता बताया.

अब चीन की मदद से पाक की ग्रे लिस्ट से बाहर आने की कोशिश नाकाम हो गई है. ग्रे लिस्ट से बाहर आने पर अब 21 फरवरी को फैसला आएगा. बता दें कि FATF में पाकिस्तान की रिपोर्ट में दाऊद का नाम नहीं है.  

बता दें कि दुनिया भर में आतंकवादियों को आर्थिक मदद रोकने के लिए काम करने वाली संस्था फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) ने पाकिस्तान को ग्रे लिस्ट में ही बरकरार रखा था. सूत्रों के अनुसार, ग्रे-लिस्ट में रखे जाने को लेकर तुर्की और मलेशिया ने पाकिस्तान का समर्थन किया था. 

पेरिस में चल रही एफएटीएफ की बैठक में पाकिस्तान से धनशोधन और आतंक वित्तपोषण के दोषियों को कठघरे में लाने के लिए कानूनों को और कसने की मांग की थी. आतंकवादियों को आर्थिक मदद रोकने की दिशा में काम करने वाली संस्था एफएटीएफ की बैठक पेरिस में 16 फरवरी से शुरू हुई थी और यह 21 फरवरी तक चलेगी.

ग्रे-सूची से निकलने के लिए पाकिस्तान को 39 में से 12 मतों की जरूरत थी, जबकि काली सूची में जाने से बचने के लिए उसे तीन देशों का समर्थन चाहिए था.
 
पाकिस्तान को 2018 में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था

पाकिस्तान को जून 2018 में एफएटीएफ की ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था और उसे एक कार्य योजना पर काम करने के लिए अक्टूबर 2019 तक का समय दिया गया था, जिसे पूरा नहीं करने पर उसे ईरान और उत्तरी कोरिया के साथ ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी दी गई थी. 

बाद में अक्टूबर 2019 में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को 27 सूत्री एक कार्य योजना को लागू करने का फरमान देते हुए फरवरी तक ग्रे लिस्ट में रखने का फैसला लिया. इसके बाद इस साल जनवरी में फिर चीन के बीजिंग में एफएटीएफ की बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान ने कार्य योजना लागू करने के लिए एक सूची सौंपी.




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