पन्ना: चिता आंदोलन के बीच बुजुर्ग महिला की मौत, मझगाय बांध विस्थापन को लेकर उठे सवाल

पन्ना: मझगाय बांध के डूब क्षेत्र में चल रहे चिता आंदोलन के पांचवें दिन 78 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत के बाद विस्थापन, मुआवजा और पुनर्वास को लेकर सवाल उठने लगे हैं। आंदोलन से जुड़े अमित भटनागर ने महिला की मौत को बांध प्रभावित परिवारों की परेशानी से जोड़ते हुए प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। वहीं जिला प्रशासन ने इस मामले में स्पष्टीकरण जारी करते हुए बताया है कि महिला की मृत्यु चिता आंदोलन के दौरान नहीं हुई, बल्कि मंगलवार रात घर पर अचानक पेट में दर्द की शिकायत के बाद उनकी मृत्यु हुई।आंदोलनकारियों के अनुसार वनहरीकला टपरिया क्षेत्र निवासी रमिया बाई आदिवासी, पत्नी बुद्धू आदिवासी, पिछले कुछ समय से अपने घर और गांव के डूब क्षेत्र में आने को लेकर परेशान थीं। अमित भटनागर का कहना है कि कुछ दिन पहले हुई बातचीत में रमिया बाई ने घर डूबने की चिंता और भोजन नहीं कर पाने की बात कही थी। इस बातचीत के वीडियो भी उनके द्वारा जारी किए गए हैं। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कई प्रभावित परिवारों को मुआवजा और पुनर्वास का लाभ पूरी तरह नहीं मिला है और पानी बढ़ने के कारण उनकी परेशानियां बढ़ रही हैं।मुआवजा और पुनर्वास को लेकर आंदोलनकारियों ने उठाए सवालअमित भटनागर ने कहा कि जिन सांकेतिक चिताओं के बीच प्रभावित लोग न्याय की मांग कर रहे हैं, उसी आंदोलन के दौरान अब एक वास्तविक चिता जल उठी है। उन्होंने विस्थापन, मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए प्रभावित परिवारों की समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की। उनका आरोप है कि कुछ परिवारों को घोषित 12.50 लाख रुपये का पूरा पैकेज नहीं मिला है तथा जमीन और मकान के मुआवजे से जुड़े मामले भी लंबित हैं। उन्होंने महिला की मृत्यु की परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है।प्रशासन ने दिया स्पष्टीकरण, बीमारी से मौत की जानकारीइधर, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अजयगढ़ ने बुधवार को जारी स्पष्टीकरण में बताया कि चिता आंदोलन के दौरान महिला की मृत्यु होने की बात सही नहीं है। प्रशासन के अनुसार ग्राम पंचायत बनहरीकला के सचिव से प्राप्त जानकारी के मुताबिक 78 वर्षीय रमियां पति माधव कोंदर की मृत्यु मंगलवार रात करीब 10 बजे घर पर हुई। महिला ने अचानक पेट में दर्द होने की शिकायत की थी।जल संसाधन विभाग के अनुविभागीय अधिकारी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार मृतिका को मझगाय मध्यम सिंचाई परियोजना में अधिग्रहित भूमि के एवज में 28 लाख 70 हजार रुपये, अधिग्रहित मकान की राशि के रूप में 15 लाख 23 हजार रुपये तथा पुनर्वास राशि के रूप में 5 लाख रुपये का भुगतान पूर्व में किया जा चुका है। प्रशासन के अनुसार इन मदों में कुल 48 लाख 93 हजार रुपये का भुगतान किया गया है।महिला की मौत के बाद मझगाय बांध प्रभावितों के मुआवजे और पुनर्वास को लेकर आंदोलनकारियों के आरोप तथा प्रशासन द्वारा प्रस्तुत किए गए भुगतान संबंधी आंकड़े सामने आए हैं। ऐसे में प्रभावित परिवारों की वास्तविक स्थिति और यदि कोई दावे या भुगतान लंबित हैं तो उनकी स्थिति अब महत्वपूर्ण बनी हुई है।वही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने अभी ट्वीट करते हुए गहरा शोक व्यक्त किया है

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