पसमांदा मुसलमान, समान नागरिक संहिता, तीन तलाक होंगे 2024 चुनाव का एजेंडा ?

भोपाल, ब्यूरो। मध्य प्रदेश सहित अन्य पांच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव 2024 क्या हिन्दू—मुस्लिम के मुद्दों पर लड़े जाएंगे? यह भले ही बड़ा सवाल हो, लेकिन मंगलवार को भोपाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण में इस मुद्दे पर भाजपा का रुख साफ कर दिया है। ‘मेरा बूथ सबसे मजबूत’ कार्यक्रम में सैकड़ों बूथ कार्यकर्ताओं से फेस टू फेस और करीब 10 लाख कार्यकर्ताओं को वर्चुअली संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने मुसलमान, समान नागरिक संहिता और तीन तलाक विषय पर खुलकर देरी तक चर्चा की।

पसमांदा मुसलमानों के साथ धोखा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पिछली कांग्रेस की सरकारों ने सिर्फ तुष्टिकरण की राजनीति की। कांग्रेस ने बैंक की राजनीति के लिए पसमांदा मुसलमानों (Pasmanda Muslims ) का जीना मुश्किल कर दिया था। वे तबाह हो गए, उन्हें कोई फायदा नहीं मिला है। वे समस्या के साथ जीवन गुजार रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके ही धर्म के एक वर्ग ने पसमांदा मुसलमानों का इतना शोषण किया है, लेकिन देश में इस पर चर्चा नहीं हुई। पसमांदा मुसलमानों को आज भी बराबरी का हक नहीं मिलता। उन्हें उनके ही धर्म में नीचा और अछूत समझा जाता है। पसमांदा मुसलमान पिछड़े होते हैं। इस भेदभाव का नुकसान पसमांदा की कई पीढ़ियों को भुगतना पड़ा। प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा सबका विकास की भावना से काम कर रही है। घर हो या स्वास्थ्य, मुसलमानों भाई-बहनों को भी पूरी सुविधा मिल रही है। माना जाता है कि देश के 80 फीसदी से ज्यादा मुसलमान पसमांदा हैं। ये आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक ताकत में पीछे रह गए हैं।

समान नागरिक संहिता पर चर्चा

प्रधानमंत्री ने कहा कि समान नागरिक संहिता (Uniform Civil Code) पर भी चर्चा की। उत्तर प्रदेश की बूथ कार्यकर्ता रानी चौरसिया के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने संकेत दे दिया। रानी ने सवाल पूछते हुए कहा था कि कुछ लोग यूनिफॉर्म सिविल कोड का विरोध कर रहे हैं, जिससे मुस्लिम भाई-बहन को काफी भ्रम हो रहा है। भाजपा कार्यकर्ता होने के नाते उन्होंने पूछना चाहा कि लोगों को कैसे समझाएं। इसके बाद पीएम ने जो कहा वह 2024 से पहले कांग्रेस समेत सारे विपक्षी खेमे में खलबली मचाने के लिए काफी है।

तीन तलाक पर बोले प्रधानमंत्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो भी तीन तलाक (Teen Talak) के पक्ष में बातें करते हैं। तीन तलाक की वकालत करते हैं, ये वोट बैंक के भूखे लोग मुस्लिम बेटियों के साथ बहुत बड़ा अन्याय कर रहे हैं। कुछ लोगों को लगता है कि तीन तलाक है तो सिर्फ महिलाओं की बात हो रही है। लेकिन नुकसान सिर्फ बेटियों को नहीं होता। 8-10 साल बाद अगर तीन तलाक दे दिया और बेटी घर वापस आती है तो सोचिए उस मां-बाप पर क्या बीतती है। उस भाई का क्या होगा। तीन तलाक से पूरा परिवार तबाह हो जाता है। पीएम ने कहा कि इसका इस्लाम से संबंध होता तो दुनिया का कोई मुस्लिम देश तीन तलाक खत्म नहीं करता। मुस्लिम बहुल देशों में भी तीन तलाक बंद कर दिया गया है। पीएम ने हाल के अपने दौरे का जिक्र करते हुए कहा कि मिस्र में 90 प्रतिशत सुन्नी मुसलमान समाज है और वहां 80-90 साल पहले तीन तलाक की प्रथा को समाप्त कर दिया गया। अगर तीन तलाक इस्लाम का जरूरी अंग है तो पाकिस्तान में क्यों नहीं होता, इंडोनेशिया में क्यों नहीं होता, कतर, जॉर्डन, सीरिया, बांग्लादेश में इसे बंद क्यों कर दिया गया? मोदी ने कहा कि मुसलमान बेटियों पर तीन तलाक का फंदा लटकाकर कुछ लोग उन पर हमेशा अत्याचार करने की खुली छूट चाहते हैं। यही लोग तीन तलाक का समर्थन भी करते हैं इसलिए मुस्लिम बहन-बेटियां भाजपा के साथ खड़ी रहती हैं।

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