Politics over buses in Uttar Pradesh, state government and Congress attacks on each other – उत्तर प्रदेश में बसों को लेकर राजनीति तेज, राज्य सरकार और कांग्रेस आमने-सामने

उत्तर प्रदेश में बसों को लेकर राजनीति तेज, राज्य सरकार और कांग्रेस आमने-सामने

प्रियंका गांधी (फाइल फोटो)

लखनऊ:

उत्तर प्रदेश में मजदूरों की घर वापसी को लेकर राजनीति तेज हो गयी है. राज्य सरकार और कांग्रेस की तरफ से एक के बाद एक बयान जारी किये जा रहे हैं. प्रियंका गांधी ने प्रवासी मज़दूरों को पहुंचाने के लिए दिल्ली में ग़ाज़ियाबाद और नोएडा से 500-500 बसें चलाने की इजाज़त यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांगी थी. सोमवार सुबह एक टी वी इंटरव्यू ने सी एम योगी ने कहा था कि वह तीन दिन से कांग्रेस से कह रहे हैं कि वह उन्हें 1000 बसों के नंबर और उनके ड्राइवर और कंडक्टर की लिस्ट दे लेकिन कांग्रेस ने आज तक नहीं दिया.

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मुख्यमंत्री के बयान पर कांग्रेस  का कहना था कि योगी ने उनसे कभी कोई लिस्ट नहीं मांगी गयी है. इसके बाद सोमवार शाम यूपी के एडिशनल चीफ सेक्रेटरी अवनीश अवस्थी ने प्रियंका गांधी के सचिव को पत्र लिखकर बसों के नंबर और ड्राइवर कंडक्टर की लिस्ट मांगी. थोड़ी ही देर बाद प्रियंका गांधी के सेक्रेट्री ने उन्हें 1000 बसों के नंबर और ड्राइवर्स की लिस्ट मेल कर दी. साथ ही उन्होंने मेल में लिखा था कि ड्राइवर्स के एक बार और वेरिफिकेशन के बाद एक दो घंटे इन उनकी फाइनल लिस्ट उन्हें भेजी जाएगी.कांग्रेस सारी बसें सुबह दिल्ली यू पी बॉर्डर पर पहुंचा देगी,लेकिन कल से ही मज़दूरों को भेजना शुरू कर दिया जाए. लिस्ट मेल करने के कुछ ही देर बाद कांग्रेस की तरफ से पोस्टर जारी की गयी जिसमें प्रियंका गांधी द्वारा किये जा रहे कार्यों की बात लिखी गयी थी. 

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अब एक बार फिर से यू पी सरकार ने प्रियंका गांधी के सचिव से 1000 बसों के ड्राइवर,कंडक्टर के डिटेल्स के साथ साथ 1000 बसों का फिटनेस  सर्टिफिकेट भी सुबह 10 बजे तक देने को कहा है. बताते चले कि देश में जारी लॉकडाउन के कारण गरीबों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ा है. 


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