Priyanka Gandhi Congress Workers Who Are Coming To Meet Up East In Charge Are Filling A Form On Caste And Social Medi Info Ta | प्रियंका गांधी से मिलने वालों से पूछी जा रही जाति और सोशल मीडिया की जानकारी



कांग्रेस महासचिव और पूर्वी उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) से मिल रहे पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी और टिकट दावेदारों से एक विवरण फॉर्म भरवाया जा रहा है. इस फॉर्म में उनकी जाति, उपजाति के अलावा सोशल मीडिया पर उपस्थिति से लेकर पार्टी में पद और पूर्व में लड़े चुनाव परिणामों तक की जानकारी मांगी गई है. प्रियंका गांधी लखनऊ कांग्रेस कार्यालय पर पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं संग मैराथन बैठक कर रही हैं. बुधवार को भी उनकी बैठक जारी है.

विवरण फॉर्म में नाम, पता, व्यवसाय, आयु, शिक्षा, मोबाइल नंबर और ईमेल के विवरण के साथ ही पूछा गया है कि क्या वे वॉट्सऐप और ट्विटर पर एक्टिव हैं. अगर हां, तो वॉट्सऐप नंबर और ट्विटर हैंडल क्या है? उसकी जानकारी देनी है. फॉर्म में कार्यकर्ताओं से यह भी पूछा गया है कि क्या वे पार्टी में कभी किस पद पर रहे हैं? अगर हां तो उसकी भी जानकारी उन्हें देनी है.

विवरण फॉर्म में टिकट दावेदारों के लिए भी एक कॉलम है, जिसमें पूछा गया है कि क्या वह कभी चुनाव लड़े या लड़ी हैं. अगर हां, तो उसका पूरा विवरण देना है. मसलन कब-कब चुनाव लड़ा गया? और उसके परिणाम क्या रहे?

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दरअसल पिछले दिनों दिल्ली में हुई बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं से कहा था कि फरवरी के अंत तक सभी प्रत्याशियों के चयन प्रक्रिया को पूरा कर लिया जाए. जिसके बाद मार्च के पहले या दूसरे हफ्ते में उनके नामों का ऐलान कर दिया जाएगा. राहुल ने प्रत्याशियों के चयन के लिए कुछ मानक भी तय किए हैं, जिसके तहत उस प्रत्याशी को टिकट नहीं मिलेगा, जो दो या तीन बार चुनाव हार चुका है.

इस बैठक में प्रियंका गांधी और पश्चिम यूपी के प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया भी मौजूद थे. प्रियंका और सिंधिया मंगलवार से अपने जिम्मे के लोकसभा क्षेत्रों के पदाधिकारियों से मुलाकात कर उनसे फीडबैक ले रहे हैं. साथ ही दावेदारों की लिस्ट भी तैयार कर रही हैं. कहा जा रहा है कि यह विवरण फॉर्म भी प्रत्याशियों के चयन प्रक्रिया का एक हिस्सा है.

ऐसा नहीं है कि कांग्रेस ही एक मात्र पार्टी है जो इस तरह का फॉर्म भरवा रही है. लगभग हर पार्टियां अपने कार्यकर्ताओं के बारे में जानकारियां इकट्ठा करती हैं. उनकी दलील होती है कि इसी आधार पर टिकट बंटवारा किया जाएगा.

(न्यूज-18 के लिए अमित तिवारी की रिपोर्ट)




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