protest in myanmar military rule Aung San Suu Kyi | Myanmar में सैन्‍य शासन के खिलाफ तेज हुए प्रदर्शन, लोग कर रहे ये मांग

यंगून: म्यांमार में प्रदर्शन पर लगे प्रतिबंध की अवहेलना करते हुए बुधवार को लोग एक बार फिर देश में सेना के तख्तापलट के खिलाफ सड़कों पर उतर आए.  इससे पहले, लोगों ने मंगलवार को भी देश में प्रदर्शन किया था. 

म्यांमार के दो बड़े शहरों यंगून और मंडाले से प्रदर्शन की खबरें सामने आई हैं.

आंग सान सू ची और सत्ताधारी पार्टी के नेताओं की रिहाई की मांग

प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि सत्ता निर्वाचित असैन्य सरकार को लौटाई जाए. साथ में उनकी मांग है कि निर्वाचित नेता आंग सान सू ची और सत्ताधारी पार्टी के अन्य नेताओं को रिहा किया जाए.

सेना का कहना है कि आंग सान सू ची की निर्वाचित असैन्य सरकार को हटाने का एक कारण यह था कि वह कथित व्यापक चुनावी अनियमितताओं के आरोपों की ठीक से जांच करने में विफल रही.

सेना ने घोषणा की है कि वह एक साल के लिए आपातकाल की स्थिति के तहत शासन करेगी और फिर चुनाव आयोजित करेगी जिसमें जीतने वाले सरकार का कार्यभार संभालेंगे.

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रैलियों और 5 से अधिक लोगों के जमा होने पर रोक

नेपीता और और मंडाले में मंगलवार को भी लोगों ने प्रदर्शन किया था, जहां भीड़ को तितर-बितर करने के पानी की बौछारें की थी और हवा में गोलियां भी चलाईं थीं. नेपीता में भीड़ पर रबर की गोलियां चलाए जाने की खबरें सामने आई थीं.

यंगून और मंडाले के कुछ इलाकों के लिए सोमवार को एक आदेश जारी करके रैलियों और पांच से अधिक लोगों के जमा होने पर रोक लगा दी गई थी. साथ में रात आठ बजे से सुबह चार बजे तक कर्फ्यू भी लगा दिया गया था. संयुक्त राष्ट्र की मानवाधिकार परिषद में ‘म्यांमार में मानवाधिकारों के उल्लंघन’के मामलों पर विचार करने के लिए शुक्रवार को विशेष सत्र का आयोजन होगा.

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