भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध
तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (टीटीडी) के चेयरमैन वाईवी सुब्बा रेड्डी ने दैनिक भास्कर को बताया कि सुरक्षा के मद्देनजर तत्काल बैठक की गई थी। इसमें मंदिर परिसर को खाली करने का फैसला लिया गया। लेकिन भगवान की आराधना अधूरी न रहे, इसलिए हर हफ्ते एक-एक हजार कर्मियों को मंदिर की देखभाल का जिम्मा सौंपा गया है। भक्तों के प्रवेश पर प्रतिबंध है। यह प्रक्रिया लॉकडाउन खत्म होने तक चलेगी।
{7-7 दिन रहकर पूजा और मंदिर की देखरेख कर रहे{आने-जाने के बाद उन्हें सैनेटाइज भी किया जा रहा
भास्कर न्यूज | तिरुमला (आंध्र). आंध्र प्रदेश में तिरुमला तिरुपति देवस्थानम स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी का मंदिर परिसर भी ‘लॉकडाउन’ है। तिरुमला के इतिहास में यहां पहली बार सन्नाटा पसरा है। 24 मार्च को देशव्यापी लॉकडाउन की घोषणा होते ही मंदिर ट्रस्ट ने सभी 16,000 कर्मचारियों को घर भेज दिया। हालांकि, इनमें से एक-एक हजार कर्मचारी हर हफ्ते पहुंच रहे हैंैं और 7 दिन तक मंदिर परिसर की देखरेख करते हैं। उनके घर पहुंचने पर दूसरा दल 7 दिन के लिए मंदिर पहुंचता है। मंदिर परिसर भेजने से पहले और उनके आने के बाद उन्हें सैनेटाइज किया जाता है।
आंध्र के तिरुमला मंदिर परिसर में पसरा सन्नाटा
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