- पोड़ी में डायल 112 के पुलिसकर्मी नाले के पास भीड़ होने की सूचना पर पहुंचे थे
- सहसपुर में सड़क पर निकलने पर सीएएफ के जवान ने ग्रामीण को मारी लाठी
दैनिक भास्कर
Apr 04, 2020, 08:50 PM IST
कवर्धा. छत्तीसगढ़ में लॉकडाउन के दौरान पुलिसकर्मियों का अमानवीय चेहरा सामने आया है। कवर्धा में दो अलग-अलग मामलों में पुलिसकर्मियों ने न सिर्फ मारपीट की, बल्कि गरीब मछुआरे की सारी मछलियां भी खा गए। पोंड़ी पुलिस चौकी क्षेत्र में भीड़ की सूचना पर पहुंची पुलिस ने मछुआरे की मछलियां छीन लीं। वहीं सहसपुर में सड़क पर निकलने पर सीएएफ (छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स) के जवान ने एक युवक का सिर फोड़ दिया।
मछली पकड़ कर बेचने से ही चलता था पूरा परिवार

जानकारी के मुताबिक, पोंड़ी गांव निवासी गोलू निषाद नाले में मछली पकड़ रहा था। इस दौरान वहां लोगों की भीड़ भी लगी हुई थी। भीड़ की सूचना मिलने पर डॉयल 112 के कर्मचारी व आरक्षक अजय कांत तिवारी मौके पर पहुंच गए। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने नाले से जाल बाहर निकाला और उसमें आग लगा दी। वहीं जाल में फंसी दो से तीन किलो मछली साथी आरक्षक रॉबिन सेन को दे दी। जिसे वो खा गया। गोलू ने बताया कि मछली बेचकर उसका जीवन-यापन होता है। लॉकडाउन के दौरान स्थिति बेहद खराब है।
डंडे से वार कर सिर फोड़ा, नौ टांके लगे

वहीं दूसरी ओर सहसपुर लोहारा क्षेत्र के ग्राम रणवीरपुर में सीएएफ जवानों ने ग्रामीण के साथ मारपीट की। जानकारी अनुसार ग्राम गौरमाटी निवासी चंदू साहू किसी काम से घर से बाहर निकला था। तभी सीएएफ के दो जवानों ने चंदू साहू के सिर पर डंडे से वार कर दिया। इससे चंदू को गंभीर चोट लगी अौर उसे इलाज के लिए बेमेतरा के थान-खम्हरिया अस्पताल ले जाना पड़ा। चंदू के सिर पर 9 टांके लगे हैं। मामला सामने आने के बाद सीएएफ जवानों को हटा दिया गया है।
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