Raipur News In Hindi : Police found 32 people coming from Delhi Markaz, 26 were sent to Home Isolation, orders for others to undergo medical examination immediately. | दिल्ली मरकज से आने वाले 32 लोगों को पुलिस ने ढूंढा, 26 को होम आईसोलेशन में भेजा, बाकियों को तुरंत मेडिकल जांच कराने के आदेश

  • दिल्ली के तब्लीगी जमात से लिंक रखने वालों का पता लगाकर उनसे पूछा जाएगा कि वे कोरोना फैलने के दौरान कहां थे
  •  उसके बाद हाईटेक तरीके से उनकी मौजूदगी के प्रमाण जुटाए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें भी आइसोलेशन में भेजा जा सके

दैनिक भास्कर

Apr 02, 2020, 02:07 AM IST

दिल्ली. निजामुद्दीन स्थित मरकज भवन के आसपास उपस्थित मिले राजधानी के 32 लोगों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खोज लिया है। इसमें 26 अपने परिवार के साथ रायपुर में हैं। उन्हें परिवार समेत होम आइसोलेशन में भेज दिया गया है। बाकी 6 मुंबई, अहमदाबाद, रांची, दिल्ली और दुर्ग चले गए। उन सभी से संपर्क कर उन्हें तुरंत मेडिकल जांच कराने को कहा गया है। सभी संबंधित राज्य के जिला प्रशासन को उनके बारे में सूचना देकर उन्हें क्वारेंटाइन को कहा गया है। पुलिस ने अब राज्यभर में तब्लीगी जमात से संपर्क रखने वालों की खोजबीन शुरू कर दी है।

दिल्ली के तब्लीगी जमात से लिंक रखने वालों का पता लगाकर उनसे पूछा जाएगा कि वे कोरोना फैलने के दौरान कहां थे? उसके बाद हाईटेक तरीके से उनकी मौजूदगी के प्रमाण जुटाए जाएंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें भी आइसोलेशन में भेजा जा सके। इस बीच पुलिस ने केंद्र से जारी सूची के आधार पर मरकज में शामिल होने वाले और उसके आस-पास मौजूद रहने वालों को मंगलवार की रात ही खोज लिया। एएसपी तारकेश्वर पटेल ने बताया कि निजामुद्दीन के मरकज भवन में तब्लीगी जमात का धार्मिक आयोजन था। कार्यक्रम के दौरान भवन के आसपास 10-15 मार्च के बाद से मौजूद 159 लोगों की सूची गृह विभाग ने भेजी हैं। उसमें 32 रायपुर के हैं।

सूची में मोबाइल नंबर तक दिया गया। पुलिस मोबाइल नंबर की मदद से उन तक पहुंच गई। प्रारंभिक परीक्षण के बाद सभी को होम आइसोलेशन में रखा गया है। एहतियात के लिए उनके संपर्क में आए परिवार के सदस्यों के अलावा अन्य लोगों को भी आइसोलेशन में भेज दिया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने सभी के स्वाब का सैंपल लेकर जांच के लिए एम्स भिजवा दिया है। एक-दो दिनों के भीतर उनकी रिपोर्ट मिल जाएगी। प्रशासनिक अमला 32 लोगों से मिलने जुलने वाले 100 से ज्यादा लोगों से भी संपर्क में है। उन्हें भी आइसोलेशन में रहने का निर्देश दिया गया है। 

ऐसे की जा रही है जमात के लोगों की तलाश
सभी जिलों में पुलिस और प्रशासन की स्पेशल टीम बनाई गई हैं, जो सिर्फ तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों की तलाश कर रही है। इसमें साइबर के एक्सपर्ट और सेल के कर्मचारियों को भी रखा गया है। पुलिस ने जमात के कुछ प्रमुख लोगों से संपर्क किया है। उनके माध्यम से जिले में रहने वालों की सूची बनाई जा रही है। उनके मोबाइल नंबर को ट्रैस किया जा रहा है। समाज प्रमुखों के माध्यम से ढूंढा जा रहा है, जो भी मिल रहे हैं। उनके क्वारेंटाइन और आइसोलेशन में डाला जा रहा हैं।

कोरबा में मिले जमात के 55 से ज्यादा लोग
159 लोगों के अलावा अब तब्लीगी जमात से जुड़े लोगों की तलाश की जा रही हैं। राजधानी में जमात के दो दर्जन से ज्यादा लोग मिले हैं। सबसे ज्यादा कोरबा में जमात के 55 लोग मिले हैं। वहां कुछ लोग गायब हैं। उनकी तलाश की जा रही है। इसी तरह जमात के पेंड्रो गौरला, जगदलपुर, भिलाई, गरियाबंद में सदस्य होने का पता चला है। पुलिस जमात से जुड़े 140 से ज्यादा लोगों तक पहुंच गई है, जो मरकज भवन में नहीं गए थे, लेकिन वहां से लौटे लोगों के संपर्क में आए हैं।  पुलिस अधिकारियों ने बताया कि राज्य से मरकज में जाने वालों की संख्या बहुत कम हैं।
 हालांकि अब तक यह पता नहीं चल पाया हैं कि कितने लोग शामिल हुए हैं, लेकिन अब तक जितने लोग मिले हैं। उसमें से सिर्फ डेढ़ दर्जन लोग ही शामिल हुए है। उन्होंने वहां से आने के बाद जमात के कुछ लोगों से मुलाकात की, इसलिए जमात से जुड़े लोगों को ढूंढा जा रहा हैं, क्योंकि उनके संपर्क में आ गए हैं। इसलिए उनका मेडिकल जांच कराना जरूरी हैं।

मोबाइल की मदद से खोजा
मरकज में शामिल लोगों में कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद दिल्ली पुलिस ने वहां के मोबाइल नंबर की जानकारी निकाली। मरकज के आयोजन के दौरान उसे इलाके में एक्टिव मोबाइल नंबरों की सूची बनाई गई। मरकज के आसपास लगे मोबाइल टावर में छत्तीसगढ़ के 159 लोगों का नंबर एक्टिव मिला। उसी आधार पर उनकी जानकारी निकालकर राज्य सरकार को सूची भेजी गई है।

बाहर जॉब करते हैं
पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि 6 लोग जो मरकज के जलसे में शामिल होने गए थे, वे दूसरे राज्य में जॉब करते हैं। हालांकि सभी रायपुर के रहने वाले हैं। तकनीकी जांच में उनका एड्रेस रायपुर का निकला, इसलिए छत्तीसगढ़ पुलिस को उनकी सूची भेजी गई थी। प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने खुद उनसे बातचीत की। उनका हालचाल जाना है। 


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here