raw milk or boiled milk which is better for face: Boiled Milk: क्या दूध पीने से पहले इसे उबालना जरूरी है, डेयरी एक्सपर्ट से जानिए इसका पूरा सच – why it is important to boil milk before drinking it know what dairy expert say

सेहत बनाने के लिए हर कोई दूध पीता है। भारतीय लोगों को दूध पीने से पहले इसे उबालने की आदत होती है। यह सच है कि हानिकारक बैक्टीरिया को नष्ट करने के लिए दूध को उबालना जरूरी है, लेकिन यह बात सिर्फ कच्चे दूध पर लागू होती है। जबकि बाजार में पैकेट में मिलने वाला पाश्चुराइज मिल्क को बॉइल करने की जरूरत नहीं पड़ती। क्योंकि यह पहले ही बैक्टीरिया को नष्ट करने की प्रोसेस से गुजर चुका है और पीने के लिए एकदम परफेक्ट है।

कॉर्नेल यूनिवर्सिटी में खाद्य विज्ञान विभाग के अनुसार, पाश्चुरीकृत दूध को कच्चे दूध के मुकाबले ज्यादा समय तक स्टोर किया जा सकता है। जबकि कच्चे दूध को अगर ना उबाला जाए, तो इसमें पहले से मौजूद कोलाई, साल्मोनेला और अन्य हानिकारक बैक्टीरिया आपके शरीर में प्रवेश कर जाएंगे और आपको बीमार कर देंगे। तो चलिए देखते हैं कि 30 साल से इस क्षेत्र में काम कर रहे डेयरी टेक्नोलॉजिस्ट संजीव तोमर का इस बारे में क्या कहना है।

​कच्चा और पाश्चुरीकृत दूध-

बात करते हैं यहां कच्चा दूध और पाश्चुराइज दूध की। कच्चा दूध जो हम दूध विक्रेताओं से खरीदते हैं, यह गाय या भैंस का दूध हो सकता है। इस तरह के दूध को निश्चित तौर पर बैक्टीरिया को खत्म करने के लिए उबालने की जरूरत होती है। बिना उबला हुआ कच्चा दूध प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर बनाता है साथ ही गर्भवती महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है।

वहीं पाश्चुरीकृत दूध पैकेट में पैक किया हुआ दूध है, जो हमें डेयरी से मिलता है। यह दूध कई तरह के पैश्चुराइजेशन से गुजरता है, जिससे अशुद्धियां, बैक्टीरिया और अन्य जीव नष्ट हो जाते हैं। इसलिए बिना उबाले भी इस दूध को पीया जाए, तो नुकसान नहीं होगा।

न करें सेहत से समझौता, जानें पैकेट वाला दूध, टेट्रा पैक या कच्चा दूध; कौन-सा होता है अच्‍छा

​दूध को उबालें या नहीं?

पाश्चुरीकृत दूध पहले से ही कई प्रकियाओं से गुजर चुका होता है। इसे बार-बार उबालने का मतलब है इसमें से आवयश्यक पोषक त्तवों को खो देना। आसान शब्दों में बात करें, तो जब दूध 10 मिनट से ज्यादा समय तक 100 डिग्री सेल्सियस से ऊपर के तापमान पर उबलता है, तो इसमें मौजूद आवश्यक पोषक तत्वों की कमी हो जाती है।

वैसे दूध विटामिन डी से भरपूर है, जो कैल्यिशयम के अवशोषण में मदद करता है। दूध को बार-बार उबाला जाए, तो विटामिन की मात्रा कम हो जाएगी। इससे कैल्शियम का अवशेाषण कम होगा , जिससे आगे चलकर हड्डियां कमजोर हो जाएंगी।

​दूध के उबालने को लेकर जरूरी टिप्स-

  • अगर आपको दूध को उबालने की आदत है, तो पाश्चुराइज मिल्क को उबाल सकते हैं। लेकिन इसे 10 मिनट से अधिक उबालने से बचें।
  • देखा जाए, तो एक गिलास दूध मध्यम आंच पर 4-5 मिनट के भीतर गर्म हो जाता है, जो पीने लायक होता है। इससे दूध में पोषक तत्व बरकरार रहेंगे।
  • कच्चे दूध को आप एक बार में उबाल सकते हैं। फिर इसे संरक्षित करने के लिए रेफ्रिजरेटर में स्टोर कर लें।
  • इसी तरह पाश्चुरीकृत दूध के मामले में आपको जितनी मात्रा में दूध चाहिए, उतनी मात्रा में लें और इसे उबालने के बजाय सिर्फ गर्म करें।

तो अब आप समझ गए होंगे कि वाकई दूध को उबालना चाहिए या नहीं। इसलिए अगली बार से कच्चा दूध हमेशा उबालें, लेकिन पाश्चुरीकृत दूध को उबालने की गलती न करें। इससे दूध में पर्याप्त मात्रा में पाए जाने वाले पोषक तत्व खत्म हो जाएंगे और आपकी बॉडी को किसी तरह का फायदा नहीं पहुंचेगा। यानि की आपका दूध पीना ना पीना सब बराबर होगा।

अंग्रेजी में इस स्‍टोरी को पढ़ने के लिए यहां क्‍लिक करें


Source link

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here