Reeva News : मे मरीजों को नर्सिंग होम भेजना डॉ सोनल अग्रवाल को पड़ा मंहगा, सेवा से किया गया प्रथक

रीवा के श्याम शाह चिकित्सा महाविद्यालय के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की सहायक प्राध्यापक, डॉ. सोनल अग्रवाल को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी कर दिए गए है।मरीजों को नर्सिंग होम भेजने की शिकायत पर शासन की 4 सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति ने दीर्घशास्ति की अनुशंसा की थी। 2023 में जांच में कारण बताओ नोटिस, और स्पष्टीकरण के बाद कार्यकारिणी समिति में प्रस्ताव के बाद अब 2026 में फाइनल आदेश जारी करते हुए उनकी सेवा समाप्त कर दी गई है। ये वही सोनल अग्रवाल है, जिनका रीवा के चर्चित कल्पना मिश्रा और उनके बच्चे के मामले में नाम आया था, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया था। परिजनों ने आरोप लगाया था कि उनकी उस दिन ड्यूटी थी लेकिन वो मरीज को देखने नहीं पहुंची थी।रीवा में कल्पना मिश्रा की मौत ने तीन साल की दबी फाइल को फिर खोलने पर मजबूर कर दिया। जो काम तीन साल पहले हो जाना था, वह अब जाकर हुआ। ईसी की बैठक में गायब एजेंडा रखा गया, डॉ सोनल अग्रवाल की बर्खास्तगी पर मुहर लगी। 26 अगस्त को कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। जिस दिन कल्पना की मौत हुई, उस दिन ऑन काल पर डॉ सोनल अग्रवाल थीं, वह बुलाने के बाद भी नहीं पहुंची थी। इस एक छोटी सी लापरवाही ने, उनकी नौकरी छीन ली। तीन साल पहले दबी हुई फाइल इस मौत ने फिर वापस खुलवा दी। बुधवार को अचानक मेडिकल कॉलेज में ईसी यानि कार्यपरिषद की बैठक आयोजित की गई और बैठक में दबे एजेंडे को वापस रखा गया। इस एजेंडे पर पहले ही निर्णय लेकर डॉ सोनल अग्रवाल को बाहर का रास्ता दिखाया जाना था। कमिश्नर चिकित्सा शिक्षा ने तीन साल पहले ही डॉ सोनल को बर्खास्त करने और डॉ बीनू सिंह की तीन इंक्रीमेंट रोकने का आदेश जारी किया था। हालांकि मेडिकल कॉलेज के जो भी डीन आए उन्होंने इस एजेंडे पर कोई निर्णय नहीं लिया। इसका खामियाजा कई प्रसूताओं को जान देकर चुकाना पड़ा। कल्पना मिश्रा की मौत के बाद हुए हंगामे के बाद आखिरकार अंतिम में डॉ सोनल अग्रवाल को, नौकरी से बाहर करने का निर्णय ले ही लिया गया।

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