व्यक्ति के जीवन को सार्थक बनाता है धर्म: स्वामी ज्ञानानंद महाराज तीन दिवसीय प्रवचन में महाराज श्री ने प्रवाहित की आध्यात्मिक गंगा

छतरपुर। शहर के प्रसिद्ध स्थल जानराय टौरिया में इन दिनों धार्मिक महोत्सव चल रहा है। नवदिवसीय महाबली हनुमान प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत संतों की वाणी से भगवत चरित्र सुनने का अवसर प्राप्त हो रहा है। आसपास ही नहीं दूर-दूर से आ रहे भक्त अपने जीवन को पवित्र और धन्य कर रहे हैं।

यहां के भव्य धार्मिक आयोजन में देशभर से पधारे संतों और श्रद्धालुओं की उपस्थिति ने वातावरण को पूर्णतः भक्तिमय बना दिया। इस अवसर पर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी ज्ञानानंद जी महाराज भानपुर पीठाधीश्वर ने तीन दिवसीय भगवान श्री राम की कथा का बखान कर धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि व्यक्ति धर्म के लिए कार्य करता है, तो धर्म भी उसके जीवन को सार्थक बना देता है।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भगवान की सच्ची सेवा केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं, बल्कि सदाचार, करुणा और निस्वार्थ भाव से समाज की सेवा करना भी ईश्वर भक्ति का वास्तविक स्वरूप है।कार्यक्रम में जगद्गुरु श्री रामानंदाचार्य स्वामी रामस्वरूपाचार्य जी महाराज, चित्रकूट धाम द्वारा तीन दिवसीय प्रवचन श्रृंखला के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और जीवन मूल्यों का गहन ज्ञान प्रदान किया गया।

उनके प्रवचनों ने उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। इस पावन अवसर पर महंत भगवानदास श्रृंगारी जी ने सभी संतों का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत, वंदन एवं अभिनंदन किया।आयोजन में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और सभी ने संतों के आशीर्वाद का लाभ प्राप्त किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिकता की अद्भुत छटा देखने को मिली, जिसने समूचे क्षेत्र को धर्ममय बना दिया।

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