नई दिल्लीः चीन और भारत के बीच की तनातनी सुलझने की बजाए दिन ब दिन उलझती नजर आ रही है. शनिवार (5 सितंबर) को चीनी रक्षा मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया है जिसमें ड्रैगन ने सीमा पर विवाद के लिए पूरी तरह से भारत को जिम्मेदार ठहराया है. चीन ने कहा, “भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर मौजूदा तनाव के क्या कारण हैं और क्या सच है ये बहुत स्पष्ट है और इसकी पूरी जिम्मेदारी भारत के ऊपर है.”
बता दें कि शुक्रवार (4 सितंबर) को सीमा पर तनाव को लेकर मास्को में चीनी रक्षा मंत्री और राजनाथ सिंह के बीच करीब ढाई घंटे बैठक चली, बावजूद इसके ड्रैगन एक बार फिर अपनी सीनाजोरी दिखाने से बाज नहीं आया. इतना ही नहीं, चीन ने धमकी भरे लहजे में यह भी कहा है कि चीनी सेना अपनी जमीन की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है.
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चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही (Wei Fenghe) ने कहा, “भारत और चीन के बीच सीमा पर तनाव की वजह बिल्कुल साफ है, भारत इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार है. चीन की जमीन पर कब्जा नहीं किया जा सकता है, चीन की सेना क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करने में सक्षम है.” तमाम दफा LAC पर उलंघ्घन करने वाले चीन ने आगे कहा, हमें उम्मीद है कि भारत उन समझौतों का पालन करेगा जो दोनों पक्षों के बीच हुए हैं.
चीन ने कहा, “भारत फ्रंट लाइन पर तैनात सैनिकों पर नियंत्रण रखेगा. मौजूदा LAC पर किसी तरह के उकसावे वाली कार्रवाई नहीं करेगा, कोई भी ऐसा कदम नहीं उठाएगा, जिससे कि वहां माहौल गर्म हो और जान बूझकर सनसनी पैदा करने वाली सूचनाएं नहीं देगा.” चीनी मंत्रालय के बयान के तुरंत बाद भारत की ओर से भी प्रतिक्रिया जारी की गई है.
चीनी रक्षा मंत्री को राजनाथ सिंह का जवाब
चीनी रक्षा मंत्रालय के जवाब में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि ”मौजूदा हालात में दोनों देशों के लिए बॉर्डर पर शांति और सहज माहौल की जरूरत है. हमें सभी स्तर पर बातचीत के दरवाजे खुले रखने चाहिए, चाहे वो सैन्य वार्ता हो या फिर कूटनीतिक और संवाद व संपर्क से बातचीत को हल करना चाहिए.” सिंह ने ये बातें अपने आधाकारिक ट्विटर पर लिखीं. सिंह ने आगे कहा, “भारतीय सेना वीरों की सेना है, हर चुनौती के लिए सदैव तैयार है. हमारे लिए राष्ट्र सर्वोपरि है. भारतीय सेना हर चुनौती के लिए सक्षम, समर्थ है और पूर्णतया प्रभावशाली भी.”
Raksha Mantri conveyed that the two sides should continue their discussions, including through diplomatic and military channels, to ensure complete disengagement and de-escalation and full restoration of peace and tranquillity along the LAC at the earliest.
— रक्षा मंत्री कार्यालय/ RMO India (@DefenceMinIndia) September 5, 2020
गौरतलब है कि रूस में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री वेई फेंगही के बीच शुक्रवार (4 सितंबर) को दो घंटे से अधिक समय तक बैठक हुई, जिसमें पूर्वी लद्दाख में सीमा पर तनाव को कम करने को लेकर लंबी बातचीत चली. दोनों देशों के रक्षा मंत्रियों के बीच चली इस बैठक के दौरान सिंह ने पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को तेजी से हटाने पर जोर दिया गया. हालांकि चीन अपनी बात से फिर मुकरता नजर आया और भारत को तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराने लगा.
भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने चीनी सेना के पैंगोंग झील के दक्षिण तट में यथास्थिति बदलने के नए प्रयासों पर कड़ी आपत्ति जताई और वार्ता के माध्यम से गतिरोध के समाधान पर जोर दिया. दो रक्षा मंत्रियों के बीच बातचीत का केंद्र लंबे समय से चले आ रहे सीमा गतिरोध को हल करने के तरीकों पर था. इस बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए विश्वास का माहौल, गैर-आक्रामकता, अंतरराष्ट्रीय नियमों के प्रति सम्मान तथा मतभेदों का शांतिपूर्ण समाधान जरूरी है.
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