Russian President Vladimir Putin warns the world not to interfere in Belarus | बेलारूस संकट पर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया को दी चेतावनी

मॉस्को: बेलारूस (Belarus) में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच रूस (Russia) ने दुनिया को चेतावनी दी है. रूस ने कहा है कि दुनिया के दूसरे देशों को बेलारूस संकट से दूर रहना चाहिए. 

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने फ्रांस के राष्ट्रपति और जर्मन चांसलर से फोन पर बातचीत की. इस दौरान उन्होंने कहा कि बेलारूस के राजनीतिक संकट में किसी भी तरह का हस्तक्षेप नहीं किया जाना चाहिए. यदि ऐसा किया जाता है तो बेलारूस में हालात सुधरने के बजाये और बिगड़ जाएंगे. 

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बेलारूस में राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको (Alexander Lukashenko) के खिलाफ देश में बड़े पैमाने पर विरोध-प्रदर्शन चल रहे हैं. लुकाशेंको को रूस के राष्ट्रपति पुतिन का करीबी माना जाता है. इसलिए पुतिन चाहते हैं कि दुनिया इस विवाद से दूर रहे ताकि लुकाशेंको स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिशों को अंजाम दे सकें.

मंगलवार को राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको ने उन अधिकारियों विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया, जिन्होंने सरकार विरोधी प्रदर्शनकारियों पर नकेल कसने में मदद की थी. इससे स्पष्ट हो जाता है कि  लुकाशेंको सरकार प्रदर्शनकारियों से किस तरह निपटना चाहती है. पिछले 10 दिनों से बेलारूस में विरोध प्रदर्शन चल रहे हैं. प्रदर्शनकारियों की मांग है कि राष्ट्रपति को तुरंत अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए.

दरअसल, हाल ही में हुए चुनाव में राष्ट्रपति एलेक्जेंडर लुकाशेंको को 80 प्रतिशत वोट मिले, लेकिन लोगों का कहना है कि चुनाव में बड़े पैमाने पर धांधली की गई. इसी को लेकर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं. राजधानी मिंस्क में रविवार को करीब एक लाख लोगों ने सड़कों पर उतरकर राष्ट्रपति के इस्तीफे की मांग की थी.

वहीं, मंगलवार को भी राज्य के नियंत्रण वाले कारखानों में कामकाज बंद रहा. इसमें सोलगोरस्क की वह फैक्ट्री भी शामिल है, जो सरकार की कमाई का बड़ा स्रोत है. मजदूरों के अलावा, मीडियाकर्मी भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं. सोमवार को बड़े पैमाने पर मीडियाकर्मी हड़ताल पर रहे. मीडियाकर्मियों का कहना है कि जब तक उसकी मांगों को नहीं माना जाता कोई भी काम पर वापस नहीं लौटेगा.

आपको बता दें कि बेलारूस पहले सोवियत संघ का हिस्सा था और 25 अगस्त, 1991 को सोवियत से अलग होकर आजाद बना. 

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