छतरपुर: सिद्ध पीठ बागेश्वर धाम में गुरु पूर्णिमा महोत्सव की बुधवार (9 जुलाई) से विधिवत शुरुआत हो गई है। शाही सवारी के साथ सन्यासी बाबा की चरण पादुकाएं पंडाल में धूमधाम से स्थापित की गईं, जिसके बाद पादुका पूजन के साथ मुख्य कार्यक्रम आरंभ हुआ। यह महोत्सव शनिवार तक चलेगा।बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने इस अवसर पर लाखों श्रद्धालुओं को आशीर्वचन देते हुए कहा, “दिखाई शिष्य देता है काम गुरु कराता है।” उन्होंने बताया कि वे भले ही कार्य करते दिख रहे हैं, लेकिन यह सब उनके गुरु सन्यासी बाबा की प्रेरणा से हो रहा है।
सुबह सबसे पहले बागेश्वर बालाजी की पूजा अर्चना करने के बाद, महाराज श्री ने सन्यासी बाबा की पादुकाओं का पूजन किया और उन्हें अपने सिर पर रखकर पंडाल तक पहुंचाया। इस मनोरम दृश्य के हजारों लोग साक्षी बने और पूरा परिसर “जय श्री राम” के उद्घोष से गूंज उठा। महाराज श्री ने कहा कि वे आज भी सन्यासी बाबा के चेला हैं और उन्हीं की छत्रछाया से विपत्तियां टल जाती हैं। उन्होंने गुरु-शिष्य परंपरा का महत्व बताते हुए कहा कि गुरु के वचन ही गुरु मंत्र हैं, जिनसे भक्ति, ज्ञान, सद्मार्ग और भगवान की कृपा प्राप्त होती है।
छह राज्यों के सुंदरकांड मंडलों ने किया सामूहिक पाठ
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान बुधवार को दिल्ली, हरियाणा, गुजरात, उत्तराखंड, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश सहित छह राज्यों से आए सुंदरकांड मंडलों ने सामूहिक रूप से सुंदरकांड पाठ किया। महाराज श्री ने इन मंडलों के सदस्यों से मुलाकात की और उन्हें अपने-अपने क्षेत्रों में सुंदरकांड कार्यक्रमों को सक्रिय रूप से जारी रखने का आदेश दिया। उन्होंने इन मंडलों से आगामी नवंबर में होने वाली पदयात्रा में शामिल होने और अन्य सुंदरकांड मंडलों को भी सनातन धर्म के लिए आगे आने हेतु प्रेरित करने का आग्रह किया। हजारों की संख्या में भक्त गुरु पूर्णिमा महोत्सव में शामिल होने बागेश्वर धाम पहुंचे हैं।