मध्यप्रदेश के श्योपुर स्थित कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण के मोर्चे पर एक और बड़ी खुशखबरी सामने आई है। महज 10 दिनों के भीतर दूसरी बार चीता शावकों का जन्म हुआ है। मादा चीता गामिनी ने बुधवार को तीन स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जिससे पार्क में उत्साह का माहौल है।
इससे पहले हाल ही में मादा चीता आशा ने भी शावकों को जन्म दिया था। लगातार दो सफल प्रसव के बाद अब इन 10 दिनों में कुल 8 शावकों का जन्म हो चुका है। ताजा जन्म के बाद देश में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 38 हो गई है, जिनमें से 35 चीते कूनो नेशनल पार्क में हैं।
गौरतलब है कि भारत में चीतों की पुनर्स्थापना परियोजना के तहत दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से चीतों को लाकर कूनो में बसाया गया था। संयोग से जिस दिन गामिनी ने शावकों को जन्म दिया, उसी दिन दक्षिण अफ्रीका से चीतों के भारत आगमन के तीन वर्ष भी पूरे हुए। यह उपलब्धि परियोजना की सफलता की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, कूनो में अनुकूल पर्यावरण, पर्याप्त शिकार आधार और निगरानी व्यवस्था के कारण चीतों की ब्रीडिंग सफल हो रही है। अग्नि और वायु की जोड़ी को अब तक की सबसे सफल ब्रीडिंग जोड़ी माना जा रहा है। वहीं, मादा चीता ज्वाला के भी तीसरी बार गर्भवती होने की सूचना है, जिससे आने वाले समय में संख्या और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार हो रहे जन्म इस बात का संकेत हैं कि कूनो का पारिस्थितिक तंत्र चीतों के अनुकूल साबित हो रहा है। यदि यही रफ्तार बनी रही तो आने वाले वर्षों में भारत में चीतों की स्थायी और मजबूत आबादी स्थापित की जा सकेगी।


