Shehbaz Sharif Operation Sindoor Terrorist pakistan India Pakistan tensions | 140 आतंकवादियों और सैनिकों की मौत पर फोटो शूट पाकिस्तान में मौत का नंगा नाच

DNA Analysis: पाकिस्तान में आतंकियों को करोड़ों का मुआवजा मिल रहा है. लेकिन जनता के हाथ में कटोरा है और वहां की सेना और सरकार मानसिक तौर पर भी भिखारी बन चुकी है. अगर ऐसा नहीं होता तो शहबाज शरीफ अपनों की मौत का जश्न टैंक पर चढ़कर नहीं मनाते. शहबाज शरीफ पाकिस्तान के 140 आतंकवादियों और सैनिकों की मौत के बाद टैंक पर चढ़कर फोटो शूट करवा रहे थे. शायद ऐसी ही तस्वीरों के लिये पाकिस्तान में मौत का नंगा नाच होने की बात हुई थी. इस वक्त पाकिस्तान में वायरल एक Meem खूब वायरल हो रहा है.

यानी ये कॉमेडियन नहीं था. ज्योतिष था. उसे पहले से ही पता था कि उसके मुल्क के हुक्मरान अपने लोगों की मौत पर नाचेंगे. टैंक पर चढ़कर जश्न मनाएंगे. और शहबाज बिल्कुल यही कर रहे हैं.

कल पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ पाकिस्तानी पंजाब के पसरूर में एक मिलिट्री अड्डे पर गये. और शहबाज का ये दौरा भारतीय प्रधानमंत्री के आदमपुर दौरे की सस्ती कॉपी जैसा दिखाई दिया. पाकिस्तान के आर्मी चीफ खुद ही एक ओपन जीप को ड्राइव करके शहबाज शरीफ को छावनी में ले गये. यहां शहबाज ने जिस टैंक के ऊपर खड़े होकर अपना भाषण दिया. उसपर The Prime Minister of Pakistan का बोर्ड लगा हुआ था. टैंक के ठीक पीछे एक बड़ा सा पोस्टर लगाया गया. ऐसा लगा मानो शहबाज का दौरा नहीं बल्कि किसी फिल्म की शूटिंग करने की तैयारी की गई थी.

आप सोचिये कि भारतीय सेनाओं ने इसी पसरूर में एक रडार साइट को बर्बाद किया था. हालांकि जब शहबाज वहां पहुंचे तो उन तस्वीरों में कोई रडार या फिर कोई मिलिट्री सेंटर तक नहीं दिखाई दिया. ऐसा लगा मानो किसी खेत में खड़े होकर शहबाज एंड कंपनी ने सैनिकों और हथियारों के साथ अपना वीडियो शूट करवा लिया. यानी ये संभव है कि भारतीय हमले में इतना नुकसान हो गया था कि शहबाज शरीफ को किसी दूसरी तरफ ले जाया गया हो.

टैंक पर चढ़े शहबाज का जोश शायद दोगुना हो गया था. इसलिये उन्होंने सबसे पहले सिंधु जल संधि को स्थगित करने पर भारत को चेतावनी दी. और उसी दिन भारत को एक खत लिखकर अपने फैसले पर दोबारा विचार करने की अपील भी की. ये पाकिस्तान का दोहरा चरित्र है, जो एक्सपोज हो चुका है.

शायद यही वजह है कि एक अमेरिकी एक्सपर्ट ने भारतीय हमलों के बाद पाकिस्तान की तुलना दुम दबाकर भागने वाले डॉग से की है. अब आप शहबाज शरीफ का वो बयान सुनिये, जिसमें वो भारत से 1971 के युद्ध का बदला लेने का हवा-हवाई दावा कर रहे हैं.

शहबाज जब अपने सेनापति जनरल मुनीर के साथ खड़े होकर भारत को झटका देने की बात कर रहे थे..उसी समय अमेरिका के अखबारों ने ऑपरेशन सिंदूर पर पाकिस्तान को 440 वोल्ट का झटका देने वाली रिपोर्ट पब्लिश कर दी.

– न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा भारत के हमले में पाकिस्तान के मिलिट्री बेस को नुकसान पहुंचा है.
– वॉशिंगटन पोस्ट में छपे आर्टिकल के मुताबिक भारतीय एयरस्ट्राइक्स में पाकिस्तान के 11 ठिकानों पर सटीक हमले किये गये.
– अमेरिका के ये अखबार पहले पाकिस्तान के पक्ष में प्रोपगैंडा फैला रहे थे..बाद में सैटेलाइट तस्वीर आने के बाद उन्हें ये सच बताना पड़ा..कि पाकिस्तान का एयर डिफेंस भारत के हमलों को रोकने में पूरी तरह से नाकाम रहा .
– वॉशिंगटन पोस्ट ने तो ये भी लिख दिया कि 1971 के बाद भारत ने पाकिस्तान के मिलिट्री अड्डों पर सबसे खतरनाक हवाई हमला किया.

पाकिस्तान के 11 एयरबेस की धज्जियां उड़ गई और शहबाज शरीफ इसे 1971 का बदला बताना चाहते हैं. पाकिस्तान दुनिया का एकमात्र देश है जो एक हार की तुलना दूसरी हार से कर रहा है. जब वर्ष 1971 का युद्ध हो रहा था तब शहबाज शरीफ की उम्र लगभग 19 साल की थी. इतने सालों बाद उनकी याददाश्त शायद कमजोर हो गई हो. इसलिये हम बता देना चाहते हैं कि 1971 में भारत ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किये और उसके 93 हजार सैनिकों को सरेंडर के लिये मजबूर कर दिया था.




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