शिवपुरी। नगर पालिका परिषद शिवपुरी की प्रस्तावित साधारण सम्मेलन की कार्यसूची में शामिल करोड़ों रुपए के प्रस्तावों को लेकर पार्षदों ने आपत्ति जताई है। भाजपा पार्षद विजय बिंदास सहित 13 पार्षदों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर वित्तीय और प्रशासनिक प्रस्तावों की जांच कराने की मांग की है। पार्षदों ने आरोप लगाया कि कई प्रस्तावों में पारदर्शिता का अभाव है। उन्होंने जांच पूरी होने तक प्रस्तावों की स्वीकृति और भुगतान पर रोक लगाने के साथ परिषद की बैठक निरस्त करने की मांग उठाई है।ज्ञापन देने वाले पार्षदों में विजय शर्मा, ताराचंद राठौर, राजा यादव, कमल किशन शाक्य, गौरव सिंघल, ओमी जैन, ममता बाईसराम धाकड़, सरोज धाकड़, रित रत्नेश जैन, सरोज रामजी व्यास, रघुराज गुर्जर, रीना कुलदीप शर्मा और भाजपा पार्षद विजय बिंदास शामिल हैं।विजय बिंदास ने बताया कि परिषद की कार्यसूची में शामिल 14 प्रमुख विषयों पर आपत्ति दर्ज कराई गई है। इनमें PLC-स्काडा प्रणाली के लिए 1.91 करोड़ रुपए खर्च करने का प्रस्ताव और वर्ष 2026-27 में टेंट व्यवस्था के लिए एक करोड़ रुपए का प्रावधान प्रमुख हैं। पार्षदों ने इन खर्चों की जरूरत, लागत और वास्तविक उपयोगिता स्पष्ट करने की मांग की है।इसके अलावा महीखेड़ा और सतनवाड़ा फिल्टर प्लांट के लिए मोटर पंप और जनरेटर खरीदी, विभिन्न वार्डों में पानी की टंकियों के निर्माण तथा जेसीबी, डंपर, पोकलेन, वैक्यूम और सुपर सकर मशीनों की खरीदी पर भी सवाल उठाए गए हैं। पार्षदों का कहना है कि पहले से उपलब्ध मशीनों की स्थिति और उनकी उपयोगिता की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।ज्ञापन में वर्ष 2022 से अब तक वाहन मरम्मत और परिवहन खर्च, डीजल मद में बजट पुनर्विनियोजन, पीआईसी के संकल्पों और पुराने भुगतानों की जांच की मांग भी शामिल है। इसके साथ ही पोहरी रोड बस स्टैंड पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मंगल भवन के पास दुकानें, गीता भवन निर्माण और वार्डखेड़ी ट्रांसपोर्ट नगर की दुकानों को लीज पर देने के प्रस्तावों पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की गई है।पार्षदों ने समाधिया कॉर्पोरेशन के लंबित भुगतान से पहले तकनीकी सत्यापन, दुकानों के नाम परिवर्तन, नवाब साहब रोड का नाम शिवाजी मार्ग करने और बाजार बैठक व मेले की आय-व्यय का हिसाब सार्वजनिक करने की मांग भी रखी है।ज्ञापन में सभी प्रस्तावों की डीपीआर, तकनीकी स्वीकृति, निविदा दस्तावेज, तुलनात्मक पत्रक और भुगतान रिकॉर्ड उपलब्ध कराने की मांग की गई है। इसकी प्रतिलिपि आयुक्त नगरीय प्रशासन, संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन ग्वालियर और सीएमओ शिवपुरी को भी भेजी गई है। पार्षदों ने चेतावनी दी है कि जांच के बिना इन प्रस्तावों को मंजूरी देना उचित नहीं होगा।


