AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के एक बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने मुख्यमंत्री के बयान को अपमानजनक बताते हुए तीखा हमला बोला और सवाल उठाया कि क्या किसी व्यक्ति की पहचान या धर्म के आधार पर उसके साथ भेदभाव किया जाना सही है।
ओवैसी ने कहा कि यदि कोई ऑटो चालक मिया मुस्लिम है, तो उसे असली किराए से कम पैसे देने की बात करना न केवल गलत है बल्कि यह खुले तौर पर भेदभाव को बढ़ावा देने जैसा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर किसी ऑटो का किराया 5 रुपये है, तो उसे 4 रुपये देने की सलाह देना किस तरह का संदेश देता है।अपने बयान में ओवैसी ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, “हिमंता जी, आप कह रहे हैं कि आप दो रुपये दे रहे हैं, क्या मैं वो दो रुपये आपके अकाउंट में ट्रांसफर कर दूं? मुझे पता है कि आप दो रुपये के भिखारी हो।”
इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान पर तीखा कटाक्ष किया।AIMIM प्रमुख ने आगे कहा कि इस तरह के बयान समाज में नफरत और विभाजन को बढ़ाते हैं। किसी भी नागरिक के साथ उसके धर्म या पहचान के आधार पर अलग व्यवहार करना संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में बैठे लोग इस तरह की भाषा का इस्तेमाल कर समाज को बांटने का काम कर रहे हैं।
ओवैसी ने यह भी कहा कि देश को रोजगार, महंगाई और विकास जैसे मुद्दों पर चर्चा की जरूरत है, न कि लोगों को उनके धर्म के आधार पर निशाना बनाने की। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस तरह की टिप्पणियों से बचने और जिम्मेदार पद की गरिमा बनाए रखने की अपील की।इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में बयानबाजी तेज हो गई है और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच इस मुद्दे पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।


